दुबई में अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास धमाका, आसमान में दिखा काले धुआं का गुब्बार
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बढ़ते संघर्ष के बीच दुबई में अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास ड्रोन हमला हुआ. मार्को रुबियो ने स्टाफ के सुरक्षित होने की पुष्टि की, जबकि संयुक्त अरब अमीरात ने खुद को संघर्ष से अलग बताया. क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है.

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी टकराव अब खुले संघर्ष में बदलता दिख रहा है. हालिया घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है और आम लोगों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है. इसी बढ़ते तनाव के बीच दुबई से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई, जिसने खाड़ी देशों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
मंगलवार देर रात दुबई में अमेरिकी कॉन्सुलेट के नजदीक एक संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ. बताया जा रहा है कि ड्रोन कॉन्सुलेट के पास स्थित पार्किंग क्षेत्र में गिरा, जिससे वहां आग लग गई. स्थानीय लोगों ने तेज धमाके की आवाज सुनी और कुछ ही देर में आसमान में धुएं और आग की लपटें दिखाई देने लगीं.
WATCH: Iranian drone hits U.S. Consulate in Dubai, no injuries reported.
pic.twitter.com/RjTasczQMX— AZ Intel (@AZ_Intel_) March 3, 2026
घटना के तुरंत बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं. आसपास की सड़कों को बंद कर दिया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया. सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें काला धुआं साफ दिखाई दे रहा है.
अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान
घटना की पुष्टि करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ड्रोन हमले में कॉन्सुलेट के स्टाफ को कोई नुकसान नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि ड्रोन पार्किंग इलाके में गिरा था, जिससे आग लगी. रुबियो ने इस हमले को ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने राजनयिक परिसरों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और ऐसे हमलों का जवाब देने के लिए तैयार है.
Emirati officials have now confirmed that an Iranian one-way attack drone struck the U.S. Consulate tonight in Dubai, causing no injuries and a small fire which has since been contained and extinguished. pic.twitter.com/g6jm0O3Ezy
— OSINTdefender (@sentdefender) March 3, 2026
रियाद और कुवैत में भी हमले
दुबई की घटना के कुछ ही समय बाद सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास के पास दो ड्रोन हमलों की खबर सामने आई. इन हमलों से हल्की आग लगी, जिसे समय रहते बुझा दिया गया. इसके अलावा कुवैत में भी अमेरिकी दूतावास के आसपास हमला हुआ, जहां आसमान में काले धुएं का गुबार देखा गया. इन घटनाओं से साफ है कि ईरान खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है.
यूएई का रुख
संयुक्त अरब अमीरात ने साफ किया है कि वह इस संघर्ष में शामिल नहीं है. विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि यूएई ने अपनी जमीन, समुद्री सीमा या हवाई क्षेत्र को किसी भी देश के खिलाफ हमले के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है. सरकार ने यह भी बताया कि अब तक 1,000 से अधिक हमलों का सामना करने के बावजूद उसने कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की है. यूएई ने अपने नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात दोहराई है.
पूरे क्षेत्र में बढ़ती चिंता
मध्य पूर्व के कई देशों में तनाव का असर साफ दिख रहा है. अमेरिका ने अपने नागरिकों को सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर क्षेत्र छोड़ने की सलाह दी है. हालात ऐसे हैं कि छोटे-छोटे हमले भी बड़े टकराव का रूप ले सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष जल्द नहीं रुका, तो इसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है. फिलहाल, खाड़ी क्षेत्र हाई अलर्ट पर है और दुनिया की नजरें इस बढ़ते संकट पर टिकी हुई हैं.


