आंखों पर काली पट्टी...US ऑपरेशन के बाद सामने आई निकोलस मादुरो की पहली फोटो, डोनाल्ड ट्रंप ने की जारी
अमेरिकी सेना द्वारा एक साहसिक सैन्य कार्रवाई में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के कुछ घंटों बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर साझा की. इस पोस्ट में मादुरो को हथकड़ी और आंखों पर पट्टी लगाए दिखाया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं और वैश्विक राजनीति में तनाव और बढ़ गया.

नई दिल्ली : वेनेजुएला में हुए एक साहसिक अमेरिकी सैन्य अभियान के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर साझा की, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया. इस तस्वीर में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो हथकड़ी लगाए और आंखों पर पट्टी बंधी अवस्था में नजर आ रहे हैं. तस्वीर में 63 वर्षीय मादुरो साधारण ट्रैकसूट पहने हुए हैं और उनके हाथ में पानी की एक प्लास्टिक बोतल दिखाई दे रही है. इस दृश्य ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है.
ट्रंप ने ऑपरेशन को बताया “बेहद सफल”
BREAKING: Trump releases photo of Maduro captured by Delta Force. Freedom to the Venezuelan people. 25 years of oppression ended in a few hours. 🇻🇪🇺🇸🫡 pic.twitter.com/LAuN5mQmTv
— Michael (@HawkCryptoTech) January 3, 2026
विपक्ष का उत्साह और सत्ता परिवर्तन की मांग
इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका समर्थित विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो, जिन्हें पिछले वर्ष नोबेल शांति पुरस्कार मिला था, ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “आज़ादी का समय आ गया है.” उन्होंने 2024 के चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार एडमूंडो गोंजालेज़ उरुतिया से तुरंत राष्ट्रपति पद संभालने की अपील की. विपक्ष इसे वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन की ऐतिहासिक शुरुआत के रूप में देख रहा है.
वेनेजुएला सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया
वहीं वेनेजुएला सरकार ने अमेरिका की इस कार्रवाई को “बेहद गंभीर सैन्य आक्रमण” करार दिया है. सरकार ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है. सरकारी बयान में कहा गया कि यह हमला देश की संप्रभुता पर सीधा हमला है और इसके गंभीर परिणाम होंगे.
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया
इस ऑपरेशन की रूस और ईरान जैसे देशों ने कड़ी निंदा की है, जो लंबे समय से मादुरो सरकार के सहयोगी रहे हैं. दिलचस्प बात यह रही कि अमेरिका के कुछ पारंपरिक सहयोगी देशों, जैसे फ्रांस और यूरोपीय संघ, ने भी इस कार्रवाई पर चिंता जताई है. कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्थिरता के लिए खतरनाक बताया है.
ट्रंप की विदेश नीति में नया अध्याय
यह कार्रवाई ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की विदेश नीति में एक अहम मोड़ मानी जा रही है. ट्रंप पहले भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे अमेरिका को लंबे युद्धों में नहीं झोंकना चाहते, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर सैन्य ताकत दिखाने से पीछे नहीं हटेंगे. इससे पहले जून में उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर भी अमेरिकी हमलों का आदेश दिया था.
वैश्विक चिंता और भविष्य की आशंकाएं
वेनेजुएला में हुई इस कार्रवाई के बाद दुनिया भर की राजधानियों में चिंता बढ़ गई है. विश्लेषकों का मानना है कि “ट्रंप 2.0” के दौर में अमेरिका अब वैश्विक सहमति बनाने के बजाय सीधे कार्रवाई की नीति अपना रहा है. हाल ही में ईरान को दी गई चेतावनी और अब वेनेजुएला ऑपरेशन इस रणनीति के स्पष्ट संकेत माने जा रहे हैं.
पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी दबदबे का संकेत
ट्रंप ने अपनी हालिया नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी में पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी प्रभुत्व को मजबूत करने की बात कही थी. वेनेजुएला में हुआ यह ऑपरेशन उसी नीति का प्रत्यक्ष उदाहरण माना जा रहा है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया और अस्थिर अध्याय खोल दिया है.


