चलती कार में गोलियों की बौछार! ईरान में पुलिस अधिकारी को उतारा मौत के घाट, वीडियो देखकर 'कांप जाएगी रूह'
ईरान में एक पुलिस कमांडर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे चलती कार में अज्ञात हमलावरों ने गोलियां बरसाई.

नई दिल्ली: ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के ईरान शहर में एक पुलिस कमांडर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. महमूद हकीकत (हघीघत) नाम के इस अधिकारी पर चलती कार में अज्ञात हमलावरों ने गोलियां बरसाई. इस वारदात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें सफेद कार पर लगातार फायरिंग दिख रही है. अधिकारी कार तेज भगाने की कोशिश करते हैं, लेकिन हमले में उनकी मौत हो गई. यह घटना क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दर्शाती है.
हमले का पूरा विवरण
घटना 7 जनवरी 2026 को सुबह हुई. महमूद हकीकत शहर के पुलिस थाने के डिप्टी कमांडर थे और पहले इंटेलिजेंस विभाग के प्रमुख रह चुके थे. वे अपनी कार में सड़क पर जा रहे थे, तभी हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोली चलाई.
वायरल वीडियो में कार पर गोलियों की बौछार साफ दिख रही है. हमलावर मौके से फरार हो गए. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
BREAKING:
The moment of the assassination of Mahmoud Haqiqat, commander of the police station in Iranshahr, Iran. pic.twitter.com/25LlOcmyGy— Daily Iran News (@DailyIranNews) January 7, 2026
जैश अल-अदल ने ली जिम्मेदारी
हमले की जिम्मेदारी सुन्नी उग्रवादी संगठन जैश अल-अदल ने ली है. यह समूह ईरान के बलूच बहुल इलाके में सक्रिय है और सरकार विरोधी गतिविधियों के लिए जाना जाता है. संगठन ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि यह कार्रवाई उनके खिलाफ ऑपरेशन चलाने वाले अधिकारी के खिलाफ थी. महमूद हकीकत बलूच अलगाववादियों पर सख्त कार्रवाई के लिए जिम्मेदार थे, जिससे वे निशाने पर थे.
क्या है जैश अल-अदल ?
जैश अल-अदल एक सशस्त्र बलूच संगठन है, जो 2012 के आसपास बना. यह सुन्नी कट्टरपंथी समूह है और ईरान सरकार को चुनौती देता है. संगठन का उद्देश्य बलूच लोगों के अधिकारों की लड़ाई बताया जाता है, लेकिन यह ईरानी सुरक्षा बलों पर हमले करता रहता है.
पिछले सालों में इसने कई पुलिस और सैन्य कर्मियों की हत्या की है. सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत आर्थिक रूप से पिछड़ा और जातीय तनाव वाला क्षेत्र है, जहां ऐसे हमले आम हो गए हैं.


