ईरान ने नहीं मानी ट्रंप की बात, पाकिस्तान की पहल बेअसर, मुनीर-शरीफ की साख पर संकट और कूटनीतिक हार साफ दिखी
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश को बड़ा झटका लगा है, तेहरान ने ट्रंप की शर्तों और बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम कराने की कोशिश में जुटे पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है। तेहरान ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह किसी भी बाहरी दबाव में आने को तैयार नहीं है। पाकिस्तान की ओर से पेश की गई मध्यस्थता को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया। इससे पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या ट्रंप की शर्तों को भी नकार दिया गया?
ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की शर्तों को भी मानने से इनकार कर दिया है। तेहरान का रुख साफ है कि वह अपनी शर्तों पर ही आगे बढ़ेगा। किसी भी तरह के दबाव या समझौते को उसने स्वीकार नहीं किया है। इससे साफ है कि बातचीत की राह फिलहाल मुश्किल नजर आ रही है।
क्या युद्ध के बीच तनाव और बढ़ गया?
बीते 24 घंटों में हालात और ज्यादा गंभीर होते दिखाई दिए हैं। ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर हमले तेज कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई सैन्य ठिकानों और उपकरणों को निशाना बनाया गया है। इससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। हालात तेजी से बदल रहे हैं और स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है।
क्या मुनीर और शरीफ पर बढ़ा दबाव?
पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir और प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं। दोनों नेताओं ने अमेरिका को भरोसा दिया था कि वे बातचीत की राह निकालेंगे। लेकिन ईरान के इनकार के बाद अब उन पर जवाब देने का दबाव बढ़ गया है।
क्या पाकिस्तान अब सफाई देने में जुटा है?
ईरान के इनकार के बाद पाकिस्तान की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स को खारिज किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि बातचीत की कोशिश जारी है। हालांकि जमीनी स्थिति कुछ और ही इशारा कर रही है। इससे पाकिस्तान की स्थिति और कमजोर नजर आ रही है।
क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर दिखेगा?
इस घटनाक्रम का असर सिर्फ तीन देशों तक सीमित नहीं रहेगा। पूरे मिडिल ईस्ट में इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। तेल सप्लाई, व्यापार और वैश्विक राजनीति पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है। कई देश इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल हालात ऐसे नहीं दिख रहे कि जल्द कोई समझौता हो पाए। ईरान का रुख सख्त बना हुआ है। पाकिस्तान की कोशिशों को झटका लगा है। ऐसे में अब सवाल यह है कि क्या कोई नया रास्ता निकलेगा या तनाव और बढ़ेगा। आने वाले दिन इस पूरे मामले में बेहद अहम साबित हो सकते हैं।


