लखनऊ में ATS ने नाकाम की बड़ी साजिश... रेलवे सिग्नल बॉक्स को उड़ाने की थी योजना, ISI के 4 संदिग्ध गिरफ्तार
लखनऊ में रेलवे सिग्नल उड़ाने और बड़े हमले की साजिश को यूपी एटीएस ने नाकाम कर दिया. ISI से जुड़े चार संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं, जो विदेशी फंडिंग के जरिए कई ठिकानों की रेकी कर रहे थे.

लखनऊ से सामने आई एक बड़ी साजिश ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है. समय रहते की गई कार्रवाई में उत्तर प्रदेश एटीएस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर एक संभावित बड़े हमले को टाल दिया. शुरुआती जांच में जो जानकारी सामने आई है, वह बेहद चिंताजनक है और बताती है कि निशाना सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण ठिकाने थे.
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों की योजना लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास स्थित सिग्नल बॉक्स को उड़ाने की थी. इस साजिश का मकसद रेलवे यातायात को बाधित करना और बड़ा हादसा कराना था. अगर यह योजना सफल होती, तो कई यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी.
मुख्य आरोपी और विदेशी संपर्क
गिरफ्तार आरोपियों में मेरठ निवासी साकिब उर्फ डेविल मुख्य भूमिका में बताया जा रहा है. जांच में सामने आया है कि वह सीधे पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में था. उसे वहीं से आर्थिक मदद मिल रही थी, और इसी के जरिए बाकी साथियों तक पैसे पहुंचाए जा रहे थे.
महत्वपूर्ण ठिकानों की रेकी
एटीएस की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने लखनऊ, गाजियाबाद और मेरठ के कई अहम स्थानों की तस्वीरें और वीडियो बनाए थे. इनमें प्रमुख संस्थान और वाहन शोरूम शामिल हैं. इन जानकारियों को विदेश में बैठे हैंडलर तक भेजा गया था, जिससे आगे की योजना बनाई जा सके.
सिर्फ रेलवे ही नहीं, बल्कि आरोपियों की योजना गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों और कार शोरूम में आग लगाने की भी थी. इससे बड़े पैमाने पर नुकसान और दहशत फैलाने की कोशिश की जा रही थी. जांच में सामने आया है कि सिग्नल बॉक्स को नुकसान पहुंचाकर ट्रेनों की आवाजाही को प्रभावित करने और दुर्घटना कराने की योजना थी. इसके लिए आरोपियों को लोकेशन की जानकारी ऑनलाइन माध्यम से भेजी जाती थी, जिसे वे आगे साझा करते थे.
सोशल मीडिया के जरिए संपर्क
बताया जा रहा है कि साकिब के सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो देखने के बाद अन्य आरोपी उससे जुड़े. धीरे-धीरे यह एक समूह में बदल गया, जो विदेशी निर्देशों पर काम करने लगा. फिलहाल सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है. एटीएस उन्हें रिमांड पर लेने की तैयारी में है, ताकि साजिश से जुड़े और पहलुओं का खुलासा किया जा सके.


