महंगाई की डबल मार! LPG के बाद अब CNG भी हुआ महंगी, दाम में 2.50 रुपए की बढ़ोतरी

CNG की कीमत में 2.50 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम लोगों और ऑटो-टैक्सी चालकों की लागत बढ़ गई है. बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों के कारण ईंधन महंगा होता जा रहा है.

Shraddha Mishra

देश में ईंधन की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है. पहले कमर्शियल गैस सिलेंडर और हवाई ईंधन महंगा हुआ, और अब सीएनजी की कीमतों में भी इजाफा कर दिया गया है. इसका सीधा असर आम आदमी की जेब और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ने वाला है. टॉरेंट गैस ने कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमत में 2.50 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की है. यह बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है जब पहले से ही ईंधन के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. इस फैसले के बाद शहरों में सीएनजी का उपयोग करने वाले लोगों के लिए यात्रा और परिवहन महंगा हो जाएगा.

सीएनजी की कीमत बढ़ने से सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ता है, जो रोजाना इसके सहारे सफर करते हैं. आम उपभोक्ताओं का कहना है कि इससे उनके घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. वहीं, ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों ने चिंता जताई है कि बढ़ती लागत के कारण उनकी कमाई कम हो जाएगी. किराया बढ़ाना उनके लिए आसान नहीं होता, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ता है.

कमर्शियल गैस सिलेंडर भी महंगे

1 अप्रैल से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी भारी इजाफा किया गया है. दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत करीब 195 रुपये बढ़कर 2,078.50 रुपये हो गई है. छोटे सिलेंडर भी अब पहले से महंगे मिल रहे हैं. हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन पहले हुई बढ़ोतरी का असर अभी भी लोगों पर बना हुआ है.

पेट्रोल-डीजल की स्थिति

निजी कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुछ बदलाव किए हैं, लेकिन सरकारी तेल कंपनियों ने अभी तक कीमतों में कोई संशोधन नहीं किया है. इसके बावजूद कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़कर लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो आगे चलकर और असर डाल सकती हैं.

बढ़ती कीमतों की वजह

ईंधन की कीमतों में इस बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक कारण प्रमुख हैं. खासतौर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति के रास्तों में रुकावट के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊपर जा रही हैं. इसके अलावा, हवाई ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के महंगे होने से एयरलाइंस की लागत बढ़ रही है, जिसका असर टिकट कीमतों पर भी पड़ रहा है. ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ परिवहन तक सीमित नहीं है. होटल, रेस्टोरेंट और अन्य सेवाओं की लागत भी बढ़ रही है. इससे सामान और सेवाओं के दाम बढ़ने की संभावना है, जो आम लोगों के लिए महंगाई को और बढ़ा सकता है.

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