NASA के Artemis II मिशन के दौरान 'Outlook' हुआ फेल, अंतरिक्ष में लेना पड़ा रिमोट एक्सेस का सहारा

Artemis II मिशन के दौरान अंतरिक्ष में Microsoft Outlook अचानक काम करना बंद कर गया. NASA ने रिमोट एक्सेस से समस्या ठीक की. इस घटना ने दिखाया कि उन्नत तकनीक के बीच भी सामान्य तकनीकी दिक्कतें सामने आ सकती हैं.

Shraddha Mishra

आर्टेमिस II मिशन को 1 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया. यह मिशन पिछले लगभग 50 वर्षों में पहली बार इंसानों को चंद्रमा के आसपास ले जाने का प्रयास है. चार अंतरिक्ष यात्रियों की टीम 10 दिन की इस यात्रा पर निकली है, जो भविष्य के चंद्र अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

हालांकि, लॉन्च के कुछ ही घंटों बाद एक अप्रत्याशित समस्या सामने आई. मिशन के कमांडर रीड वाइजमैन ने बताया कि उनके पर्सनल कंप्यूटिंग डिवाइस पर माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक काम नहीं कर रहा था. उन्होंने कहा कि दो अलग-अलग आउटलुक एप्लिकेशन होने के बावजूद कोई भी सही तरीके से नहीं चल रहा था. यह समस्या उस समय आई जब वे पृथ्वी की कक्षा में थे. इसके बाद उन्होंने तुरंत ह्यूस्टन स्थित मिशन कंट्रोल से मदद मांगी.

मिशन कंट्रोल ने कैसे सुलझाई समस्या

नासा की टीम ने रिमोट एक्सेस के जरिए इस तकनीकी दिक्कत को ठीक किया. कुछ समय बाद सिस्टम फिर से काम करने लगा, हालांकि उसे ऑफलाइन मोड में इस्तेमाल करना पड़ा. इस घटना ने यह दिखा दिया कि चाहे धरती हो या अंतरिक्ष, तकनीकी समस्याएं कहीं भी आ सकती हैं.

सोशल मीडिया पर छाए मीम्स

जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर मजेदार प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया. कई यूजर्स ने मजाक में कहा कि आउटलुक की समस्याएं अंतरिक्ष तक पहुंच गई हैं. कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि इतने महत्वपूर्ण मिशन में ऐसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल क्यों किया गया, जिस पर अक्सर तकनीकी दिक्कतें आती रहती हैं.

अन्य चुनौतियां भी आईं सामने

यह मिशन सिर्फ ईमेल समस्या तक सीमित नहीं रहा. लॉन्च के बाद शटल के टॉयलेट सिस्टम में भी दिक्कत आई, जहां उसका पंखा जाम हो गया था. हालांकि ग्राउंड टीम के निर्देशों से इसे ठीक कर लिया गया. इसके अलावा, लॉन्च से पहले भी मिशन को कई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जैसे ईंधन से जुड़ी समस्याएं और हीट शील्ड में खराबी.

इन सभी बाधाओं के बावजूद आर्टेमिस II मिशन आगे बढ़ता रहा. 3 अप्रैल को अंतरिक्ष यान ने सफलतापूर्वक वह प्रक्रिया पूरी की, जिससे वह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकलकर चंद्रमा की दिशा में आगे बढ़ सका. इस मिशन में रीड वाइजमैन के साथ विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन शामिल हैं. यह मिशन भविष्य में इंसानों को चंद्रमा पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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