राघव चड्ढा के समर्थन में उतरे उदित राज, आम आदमी पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप

राघव चड्ढा को AAP में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सियासत गरमा गई है. कांग्रेस नेता उदित राज ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए AAP पर हमला बोला और राघव के कदम को सही ठहराया.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता उदित राज ने खुलकर प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

उदित राज ने न सिर्फ AAP की आलोचना की, बल्कि राघव चड्ढा के रुख को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया, बल्कि सही रास्ता चुना है.

राघव चड्ढा ने कुछ भी गलत नहीं किया

कांग्रेस नेता उदित राज ने AAP पर निशाना साधते हुए कहा, "आप ने जनता को धोखा दिया, लूट मचाई और कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश की, फिर भी उनके खिलाफ कभी कोई आरोप साबित नहीं हुआ. उन्हें इससे सबक लेना चाहिए था. अब वे शिकायत कर रहे हैं कि राघव चड्डा उनका साथ नहीं दे रहे हैं. राघव चड्डा ने कुछ भी गलत नहीं किया. वास्तव में, उन्होंने सही काम किया है और दूसरों को भी उसी रास्ते पर चलना चाहिए."

बीजेपी से मिलकर ही कांग्रेस को उखाड़ा

उदित राज ने आगे कहा, "राघव चड्डा ने इनके साथ (आप) सही किया बल्कि इन्हें तो और सबक सिखाना चाहिए. इन्होंने और नेताओं के साथ क्या किया और अब ये कह रहे हैं कि राघव हमारा साथ नहीं दे रहे हैं. बीजेपी से मिल गए हैं. अरे तुमने बीजेपी से मिलकर ही कांग्रेस को उखाड़ा. आज अपनी सुविधा के हिसाब से व्यक्तिगत महत्वकांक्षा को हासिल करने के लिए अपनी ही पार्टी बनाई वरना इनके पास दम था रामलीला मैदान में लाखों लोगों को खाना खिलाने में. ये लोग अपने इतिहास को देख लें. राघव चड्ढा ने कोई गलत काम नहीं किया बल्कि एकदम सही काम किया और लोगों को भी करना चाहिए."

'खामोशी नहीं, साफ जवाब देना चाहिए'

उदित राज ने इससे पहले भी इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा था, "खामोशी होनी ही नहीं चाहिए. अगर राजनीति में हैं तो इस मुद्दे पर तो खामोशी का मतलब ही नहीं होता. राघव जन समस्याओं को उठाते हैं और ऐसे में उन्हें सब साफ कर देना चाहिए. कोई भी खामोश नहीं रहता है. अगर पार्टी ने कोई अपमान नहीं किया है तो ये भी बताएं. और पार्टी से नाखुश हैं तो ये भी बताएं. ये क्या दोहरा चरित्र है. खामोश किसने करवाया है ये भी बताएं. पॉलिटिकल चीजें निजी नहीं होती हैं बल्कि पब्लिक होती हैं. आप क्यों इस तरह से अनुमान लगा रहे हैं या किसी को अंधेरे में रख रहे हो या लुका छिपी कर रहे हो या रहस्य पैदा दर रहे हो. आपको बोलना चाहिए."

राघव चड्ढा ने क्या कहा?

वहीं, राघव चड्ढा ने पार्टी के फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा, "जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं और शायद मैं ऐसे विषय उठाता हूं, जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि राघव चड्डा को संसद में बोलने से रोका जाए."

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