इरफान सोलतानी की फांसी टली, ट्रंप बोले 'अब नहीं होगी कोई फांसी'
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और फांसी की आशंकाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों की हत्याएं और नियोजित फांसी फिलहाल रोक दी गई हैं, जिससे अमेरिका-ईरान तनाव में थोड़ी नरमी के संकेत मिले हैं.

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देकर अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल मचा दी है. ट्रंप का कहना है कि ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की हत्याएं और प्रस्तावित फांसी की सजाएं फिलहाल रोक दी गई हैं, जिससे कुछ हद तक तनाव कम होने के संकेत मिले हैं.
यह बयान ऐसे समय आया है जब 26 वर्षीय ईरानी प्रदर्शनकारी इरफान सोलतानी की संभावित फांसी को लेकर दुनियाभर में चिंता बढ़ गई थी. सोलतानी को एक सप्ताह से भी कम समय पहले हिरासत में लिया गया था और उनके जल्द फांसी पर चढ़ाए जाने की आशंका जताई जा रही थी.
ट्रंप का बड़ा दावा
वॉशिंगटन में पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हत्याएं और नियोजित फांसी की सजाएं रोक दी गई हैं.
"लेकिन मुझे अभी-अभी कुछ ऐसी जानकारी मिली है कि हत्याएं रुक गई हैं," ट्रंप ने कहा. "फांसी की सजाएं रुक गई हैं और आगे कोई फांसी नहीं होगी, जिसके बारे में पिछले कुछ दिनों से बहुत से लोग बात कर रहे थे."
इरफान सोलतानी की फांसी पर रोक
बुधवार देर रात नॉर्वे स्थित मानवाधिकार संगठन हेंगाव ने जानकारी दी कि इरफान सोलतानी की फांसी को फिलहाल टाल दिया गया है. यह खबर ऐसे वक्त सामने आई जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रही कार्रवाई को लेकर गंभीर चिंता जता रहा था.
महत्वपूर्ण सूत्रों से मिली जानकारी
जब ट्रंप से पूछा गया कि उन्हें यह जानकारी किसने दी, तो उन्होंने किसी का नाम नहीं बताया और सिर्फ इतना कहा कि यह सूचना "दूसरी तरफ के बहुत महत्वपूर्ण सूत्रों" से मिली है. उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन अब “प्रतीक्षा करो और देखो” की नीति अपनाएगा.
ट्रंप ने कहा, "हम प्रक्रिया पर नजर रखेंगे," और यह भी जोड़ा कि व्हाइट हाउस को ईरान की ओर से "बहुत अच्छा बयान" मिला है.
सैन्य विकल्प अभी पूरी तरह खत्म नहीं
हालांकि ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया. अमेरिका ने संभावित टकराव के बीच कतर स्थित एक हवाई अड्डे से कुछ कर्मियों को वापस बुलाना भी शुरू कर दिया है.
ईरान ने फांसी की योजना से किया इनकार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फांसी की किसी भी योजना से इनकार किया है."फांसी देने की कोई योजना नहीं है," अराघची ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा, और यह भी जोड़ा कि ऐसी सजा "सवाल से परे" है.
हालांकि ईरान में ऐतिहासिक रूप से फांसी मृत्युदंड का एक तरीका रहा है.
न्यायपालिका के विरोधाभासी संकेत
विदेश मंत्री के बयान के बावजूद, ईरानी न्यायपालिका से अलग तरह के संकेत मिल रहे हैं. एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी अशांति के दौरान गिरफ्तार लोगों के मामलों में तेजी लाने की बात कर रहे हैं.
ईरानी न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई ने कहा, "अगर हमें कोई काम करना है, तो हमें उसे अभी करना चाहिए. अगर इसमें दो महीने या तीन महीने की देरी हो जाती है, तो इसका उतना असर नहीं होता."
हजारों लोग हिरासत में
मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक 18,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.हाल के हफ्तों में ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए हैं. ये प्रदर्शन आर्थिक संकट, राजनीतिक दमन और शासन व्यवस्था को लेकर गुस्से का नतीजा बताए जा रहे हैं.
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की समाचार एजेंसी के अनुसार, इस दमनकारी कार्रवाई में अब तक 2,600 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि कुछ अन्य अनुमानों में यह संख्या 3,000 से अधिक बताई गई है. इसे 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान की सबसे घातक अशांति में से एक माना जा रहा है.
ट्रंप का खुला समर्थन
डोनाल्ड ट्रंप और उनके वरिष्ठ अधिकारी लगातार ईरानी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान देते रहे हैं. इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रंप ने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द करने और तेहरान को हिंसा रोकने की चेतावनी देने की बात कही थी.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "जब तक प्रदर्शनकारियों की निरर्थक हत्याएं बंद नहीं हो जातीं, मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं. मदद आ रही है."
व्हाइट हाउस ने यह भी पुष्टि की है कि हिंसा जारी रहने की स्थिति में सैन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा था, हालांकि प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि कूटनीति अब भी ट्रंप का पसंदीदा रास्ता है.


