क्या FBI डायरेक्टर काश पटेल देंगे इस्तीफा? Epstein केस की अधूरी फाइलों पर गरमाया मामला

एप्स्टीन फाइल्स को लेकर एफबीआई के अंदर टकराव गहराता जा रहा है. एफबीआई निदेशक काश पटेल के इस्तीफे की अटकलें तेज हैं. रिपोर्ट के अनुसार, काश पटेल इस्तीफे पर विचार कर रहे हैं क्योंकि वे अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी की कार्यप्रणाली से बेहद नाराज हैं.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Kash Patel: जेफ्री एपस्टीन मामले से जुड़े दस्तावेजों को लेकर न्याय विभाग के भीतर चल रहे विवाद के बीच एफबीआई निदेशक काश पटेल के इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, काश पटेल इस्तीफे पर विचार कर रहे हैं क्योंकि वे अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी की कार्यप्रणाली से बेहद नाराज हैं.

एफबीआई के भीतर यह विवाद तब और गहरा गया जब एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर डैन बॉन्गीनो के इस्तीफे की संभावनाएं भी सामने आईं. बॉन्गीनो ने अपने करीबी लोगों को बताया है कि वे भी पद छोड़ने पर विचार कर रहे हैं, खासतौर पर एपस्टीन केस में बॉन्डी से बड़े टकराव के बाद.

बॉन्डी की भूमिका पर नाराज हैं काश पटेल

द डेली वायर की रिपोर्टर मैरी मार्गरेट ओलोहन ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "न्याय विभाग के एक करीबी सूत्र का कहना है कि काश पटेल भी चाहते हैं कि पाम बॉन्डी को हटाया जाए, और अगर बोंगिनो चले जाते हैं तो वे भी जाने पर विचार करेंगे। इसके अलावा, बॉन्डी द्वारा जारी नहीं किए गए अन्य दस्तावेजों को लेकर भी निराशा है।"

काश पटेल चाहते हैं कि पाम बॉन्डी को उनके पद से हटाया जाए. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर डैन बॉन्गीनो इस्तीफा देते हैं तो पटेल भी अपने पद से हटने को तैयार हैं.

दस्तावेजों की रिलीज को लेकर गुस्से में हैं पटेल

काश पटेल, बॉन्डी द्वारा एपस्टीन केस से जुड़े अधिक दस्तावेज़ सार्वजनिक न करने को लेकर नाराज़ हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पटेल ने अपने करीबियों से कहा है कि वे चाहते हैं बॉन्डी को उनके पद से हटाया जाए.

क्लाइंट लिस्ट और केस क्लोज होने पर विवाद

एफबीआई और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने हाल ही में एक संयुक्त ज्ञापन जारी कर एपस्टीन केस को आधिकारिक तौर पर बंद घोषित कर दिया. इसमें कहा गया कि 2019 में जेल में एपस्टीन की मौत आत्महत्या थी और हत्या का कोई सबूत नहीं मिला.

हालांकि, इस घोषणा से एफबीआई के ही कई अधिकारी असहमत हैं, जिनमें काश पटेल और डैन बॉन्गीनो शामिल हैं. दोनों का मानना है कि केस में अभी कई अहम जानकारियां सामने नहीं आई हैं, खासकर उस कथित “क्लाइंट लिस्ट” को लेकर जो एपस्टीन के साथ सेक्स ट्रैफिकिंग में शामिल प्रभावशाली लोगों की सूची बताई जाती रही है.

बॉन्डी के बदले बयान ने बढ़ाया शक

पाम बॉन्डी पहले यह कह चुकी थीं कि उनके पास एपस्टीन से जुड़ी “क्लाइंट लिस्ट” है जो वे समीक्षा कर रही हैं. लेकिन केस बंद होने के बाद उन्होंने सफाई दी कि उनका इशारा किसी खास लिस्ट की ओर नहीं था बल्कि एपस्टीन से जुड़े तमाम दस्तावेज़ों की ओर था.

काश पटेल सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि एफबीआई की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि एपस्टीन की मौत हत्या नहीं थी. उन्होंने उन साजिश सिद्धांतों को खारिज किया जो एपस्टीन की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार फैलाए जा रहे हैं.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag