रूस-यूक्रेन युद्ध में बड़ी कूटनीतिक पहल, यूएई में अमेरिका संग त्रिपक्षीय वार्ता पर राजी हुए पुतिन और ज़ेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने घोषणा की है कि यूक्रेन और रूस इस वीकेंड संयुक्त अरब अमीरात में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बनाने के पहली त्रिपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेंगे.

नई दिल्ली: यूक्रेन- युद्ध को लेकर कूटनीतिक हल की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने घोषणा की है कि यूक्रेन और रूस इस सप्ताहांत संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिका के साथ पहली बार त्रिपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेंगे. यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है, जब युद्ध को समाप्त करने और यूक्रेन की युद्धग्रस्त अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण को लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रयास तेज हो रहे हैं.
ज़ेलेंस्की की यह घोषणा दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) में उनके संबोधन के बाद आई है. दावोस में उन्होंने शांति समझौते की दिशा में हो रही कूटनीतिक कोशिशों और युद्ध के बाद यूक्रेन के पुनर्निर्माण की जरूरतों पर जोर दिया. इसी मंच पर उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भी अहम मुलाकात हुई.
संयुक्त अरब अमीरात में पहली त्रिपक्षीय वार्ता
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेन और रूस पहली बार अमेरिका के साथ एक ही मंच पर औपचारिक त्रिपक्षीय वार्ता करेंगे. संयुक्त अरब अमीरात में होने वाली यह बैठक संघर्ष के राजनीतिक समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. कीव लंबे समय से युद्धविराम, सुरक्षा गारंटी और आर्थिक स्थिरता को लेकर ठोस वार्ता की मांग करता रहा है.
दावोस में ट्रम्प-ज़ेलेंस्की की अहम बैठक
दावोस में ज़ेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच अलग से मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी, व्यापक युद्धोत्तर पुनर्निर्माण योजना और “वास्तविक वार्ता” तक पहुंचने के रास्तों पर चर्चा की. बातचीत का फोकस शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के जरूरी कदमों पर रहा.
युद्ध का अंत होना चाहिए
ज़ेलेंस्की से मुलाकात के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा, "मैंने यहां राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से मुलाकात की; बैठक अच्छी रही. हम (अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल) आज या कल राष्ट्रपति पुतिन से मिलेंगे."
उन्होंने आगे दोहराया कि "युद्ध का अंत होना चाहिए."
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए अपने संदेश के बारे में पूछे जाने पर ट्रम्प ने कहा, "युद्ध समाप्त होना चाहिए. बहुत से लोग मारे गए हैं." उन्होंने आगे की जानमाल की हानि को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया.
समझौते के करीब होने का दावा
विश्व आर्थिक मंच में अपने संबोधन के दौरान ट्रम्प ने कहा कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए किसी समझौते तक पहुंचने के "काफी करीब" हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्होंने इस संघर्ष की जटिलता को कम करके आंका था और सोचा था कि कुछ ही घंटों में समाधान निकल सकता है.
ट्रम्प ने बताया कि वह लगभग चार साल से चल रहे इस युद्ध को खत्म करने के लिए ज़ेलेंस्की और पुतिन दोनों को शर्तों पर सहमत होने के लिए लगातार मनाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने खुद को "युद्धों को सुलझाने" में कुशल बताया, लेकिन साथ ही कहा कि ऐसे प्रयास आदर्श रूप से संयुक्त राष्ट्र की जिम्मेदारी होने चाहिए.
लाखों लोगो की बचेंगी जानें
अमेरिकी राष्ट्रपति ने शत्रुता समाप्त करने की तत्काल जरूरत पर जोर देते हुए कहा, "यह करना ही होगा. इससे लाखों लोगों की जान बच जाएगी. यूक्रेन और रूस के बीच राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की और पुतिन के बीच यह जबरदस्त नफरत अच्छी बात नहीं है. यह समझौतों के लिए अच्छा नहीं है."
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बातचीत के पिछले प्रयास आसान नहीं रहे. ट्रम्प ने कहा, "कई बार हमने रूस के साथ समझौता किया, लेकिन ज़ेलेंस्की सहमत नहीं हुए... यह एक बहुत ही मुश्किल संतुलन है."
ज़मीनी हालात पर ट्रम्प की चिंता
ट्रम्प ने युद्ध की स्थिति को भयावह बताते हुए कहा, "यह खून-खराबा है. जो हो रहा है वह भयानक है. ड्रोन हमलों में हर हफ्ते हजारों लोग मारे जा रहे हैं. हमें इसे रोकना होगा."
उनके मुताबिक, लगातार हो रही हिंसा न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी गंभीर खतरा है.
शांति समझौते के मसौदे पर काम जारी
ज़ेलेंस्की पहले ही संकेत दे चुके हैं कि उनके दूत अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर प्रस्तावित शांति समझौते से जुड़े दस्तावेज़ों को अंतिम रूप दे रहे हैं. इन दस्तावेज़ों में युद्धोत्तर सुरक्षा गारंटी और आर्थिक सुधार से जुड़े बिंदु शामिल हैं, जो किसी भी संभावित समझौते में यूक्रेन की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं.
त्रिपक्षीय बैठक से बड़ी उम्मीदें
दोनों नेताओं ने संघर्ष को तुरंत समाप्त करने का आह्वान किया है. ट्रम्प का कहना है कि पुतिन और ज़ेलेंस्की मूर्ख होंगे यदि वे इसे अभी समाप्त नहीं करते, और वह जानते हैं कि वे मूर्ख नहीं हैं. ऐसे में संयुक्त अरब अमीरात में होने वाली यह त्रिपक्षीय बैठक वार्ता के जरिए समाधान तक पहुंचने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम मानी जा रही है.


