फिलिस्तीन को मान्यता देने का विरोध नहीं लेकिन...मेलोनी की दो सख्त शर्तें

Meloni on Palestine issue: इटली की पीएम मेलोनी ने फिलिस्तीन को राष्ट्र की मान्यता देने की बात कही, लेकिन हमास को सरकार से बाहर करने और बंधकों की रिहाई को शर्त बताया. गाजा संघर्ष के चलते कई पश्चिमी देशों ने अपनी नीति बदलते हुए फिलिस्तीन को समर्थन देना शुरू कर दिया है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Meloni on Palestine issue: पिछले दो वर्षों से जारी इजरायल और हमास के बीच संघर्ष के बीच कई वैश्विक नेताओं ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने का समर्थन किया है. इस कड़ी में ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देशों ने खुलकर फिलिस्तीन को मान्यता दे दी है. हालांकि इटली की मेलोनी सरकार ने इस विषय पर अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया था. इसके बाद मिलान में फिलिस्तीनी समर्थकों ने प्रदर्शन कर हंगामा मचा दिया. इस मामले पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अपना रुख स्पष्ट किया है.

फिलिस्तीन मुद्दे पर मेलोनी ने क्या कहा? 

मेलोनी ने कहा है कि वह फिलिस्तीन को राष्ट्र के रूप में मान्यता देने के खिलाफ नहीं हैं. लेकिन इसके लिए दो अहम शर्तें हैं. पहली शर्त यह है कि हमास को तुरंत सभी इजरायली बंधकों को रिहा करना होगा. दूसरी शर्त यह कि हमास को फिलिस्तीन की सरकार से बाहर किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि इन शर्तों के पूरा होने के बाद ही फिलिस्तीन को मान्यता देने पर विचार किया जाएगा.

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की बैठक में शामिल होने के दौरान प्रधानमंत्री मेलोनी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी सरकार संसद में एक प्रस्ताव लेकर आएगी, जिसमें इन दो शर्तों को मान्यता देने की शर्त के रूप में रखा जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि फिलिस्तीन को मान्यता देने से तत्काल समाधान नहीं निकल पाएगा और फिलिस्तीनी लोगों के लिए ठोस नतीजे सामने नहीं आएंगे.

मेलोनी ने यह भी जोड़ा कि फिलिस्तीन को मान्यता देने का मतलब समस्या का पूरा हल नहीं है. यह सिर्फ एक राजनीतिक कदम है और फिलिस्तीन की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा. हालांकि इससे फिलिस्तीनी लोगों के मनोबल को बढ़ावा मिलेगा और उनकी आवाज को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी.

एशिया के कई देशों ने फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में दी मान्यता 

एशिया के कई देशों ने पहले ही फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दे दी है, लेकिन अमेरिका और इजरायल के करीबी पश्चिमी देशों ने लंबे समय तक इस मुद्दे पर सतर्कता बरती. हाल ही में गाजा में दो साल से जारी संघर्ष ने पश्चिमी देशों को अपनी विदेश नीति में बदलाव करने के लिए मजबूर कर दिया है. अब वे भी धीरे-धीरे फिलिस्तीन को मान्यता देने लगे हैं.

हालांकि फिलिस्तीन को मान्यता मिलने से फिलिस्तीनी क्षेत्र में जमीनी स्तर पर तत्काल कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना कम है, लेकिन यह एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जो लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष में नई उम्मीद जगाएगा.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag