अमेरिका पहुंचे मोहम्मद यूनुस ने उगला जहर, कहा- हमें भारत के साथ है समस्या

Muhammad Yunus on India: बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद मोहम्मद यूनुस के शासन में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा और भारत से तनाव बढ़ा है. यूनुस ने शेख हसीना के भारत में रहने और छात्र आंदोलनों को लेकर भारत पर तीखी टिप्पणियां की हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

Muhammad Yunus on India: बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने देश की सत्ता संभाली है. उनके शासन में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा और हत्याओं की खबरें सामने आई हैं. हाल ही में उन्होंने अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक इंटरव्यू में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और भारत को लेकर तीखी टिप्पणियां कीं.

शेख हसीना और भारत पर निशाना

यूनुस ने कहा कि भारत में शेख हसीना के रहने से दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हुआ है. उन्होंने दावा किया कि भारत ने हसीना को आश्रय दिया, जबकि वह देश में हुई हिंसा और युवाओं के आंदोलनों के लिए जिम्मेदार हैं. यूनुस ने कहा कि हमें इस समय भारत के साथ समस्या है, क्योंकि उन्हें छात्रों के आंदोलन और हसीना के यहां रहने का व्यवहार पसंद नहीं आया. इससे भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ. उन्होंने भारत पर यह आरोप भी लगाया कि वहां से झूठी खबरें और दुष्प्रचार फैलाए जा रहे हैं, जिसमें उनके इस्लामी आंदोलन से जुड़े होने का दावा किया गया.

यूएनजीए में विरोध का सामना

संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र के लिए 22 सितंबर को न्यूयॉर्क पहुंचने पर यूनुस को विरोध का सामना करना पड़ा. जेएफके अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी के समर्थकों ने उनके खिलाफ नारे लगाए और अंडे फेंके. यह विरोध पिछले साल अगस्त में हुए छात्र आंदोलनों और शेख हसीना के इस्तीफे के पीछे की घटनाओं से जुड़ा माना जा रहा है.

छात्र आंदोलन और शेख हसीना का इस्तीफा

अगस्त 2024 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलन हुआ, जिसमें युवाओं ने सड़क पर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ आवाज उठा. इसके परिणामस्वरूप शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास तक पर कब्ज़ा कर उसे नुकसान पहुंचाया. भारत और हसीना के अच्छे संबंधों के चलते भारत सरकार ने उन्हें यहां रहकर राजनीतिक सुरक्षा प्रदान की.

भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव

यूनुस के कार्यकाल में भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में खटास आई है. उनकी आलोचनात्मक टिप्पणियों और शेख हसीना को लेकर आरोपों ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ा दिया है. इसके अलावा, यूनुस के शासन में हिंदू समुदाय पर हमलों और हिंसा की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है.

इस तरह, बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन, छात्र आंदोलन और भारत के साथ कूटनीतिक तनाव ने क्षेत्रीय राजनीति को जटिल बना दिया है. यूनुस की हालिया टिप्पणियों ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है, जिससे भारत-बांग्लादेश संबंधों में अस्थिरता का खतरा उत्पन्न हुआ है.

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