पेट्रोल बचाने के लिए नेपाल का मास्टरस्ट्रोक, बदली ऑफिस टाइमिंग, हफ्ते में 2 दिन छुट्टी
नेपाल सरकार ने शनिवार के साथ रविवार को भी साप्ताहिक अवकाश घोषित कर दिया है और सरकारी दफ्तरों का समय सुबह 9 से शाम 5 बजे कर दिया है. यह फैसला पेट्रोलियम आपूर्ति की समस्या को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और नई व्यवस्था सोमवार से लागू होगी.

नेपाल सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए साप्ताहिक अवकाश और कार्यालय समय को लेकर अहम निर्णय लिया है. रविवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में तय किया गया कि अब सरकारी कार्यालयों में शनिवार के साथ-साथ रविवार को भी अवकाश रहेगा. इससे पहले देश में केवल शनिवार को ही साप्ताहिक छुट्टी दी जाती थी, लेकिन अब कर्मचारियों को लगातार दो दिन का अवकाश मिलेगा.
सरकार के प्रवक्ता पोखरेल ने क्या बताया?
सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. खासतौर पर पेट्रोलियम आपूर्ति में आई दिक्कतों के कारण सरकार ने यह कदम उठाया है, ताकि ईंधन की खपत को कुछ हद तक कम किया जा सके और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सके. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ शैक्षिक संस्थानों पर भी लागू होगी, जहां अब शनिवार और रविवार दोनों दिन छुट्टी रहेगी.
इसके साथ ही सरकार ने कार्यालयों के कामकाज के समय में भी बदलाव किया है. अब सरकारी दफ्तर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे. पहले कार्यालयों का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित था, लेकिन अब कर्मचारियों को एक घंटा पहले कार्यालय पहुंचना होगा. इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कामकाज के घंटे कम न हों और कार्यक्षमता पर कोई नकारात्मक असर न पड़े.
हालांकि, शैक्षिक संस्थानों के समय को लेकर अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं, लेकिन सामान्य सरकारी दफ्तरों के लिए 9 से 5 बजे का समय लागू रहेगा. सरकार का मानना है कि दो दिन की छुट्टी और संशोधित कार्य समय से कर्मचारियों की उत्पादकता में सुधार होगा और वे अधिक ऊर्जा के साथ काम कर सकेंगे.
सोमवार से नई व्यवस्था होगी लागू
यह नई व्यवस्था सोमवार से पूरे देश में लागू कर दी जाएगी. सरकार ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे इस बदलाव के अनुसार अपनी कार्यप्रणाली में आवश्यक संशोधन करें. कुल मिलाकर, यह फैसला प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और मौजूदा संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.


