150 से ज्यादा मौतों का खौफनाक खेल! पाकिस्तान के बलूचिस्तान में BLA का हमला, इंटरनेट सेवाएं बंद

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी हमलों में 150 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. हमलावरों ने बैंक और पुलिस स्टेशनों को अपना खास निशाना बनाया. हालात को गंभीरता से लेते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हाल ही में अलगाववादी हमलों की एक बड़ी लहर आई, जिसमें 150 से ज्यादा लोग मारे गए. अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को समन्वित हमलों में 31 नागरिक और 17 सुरक्षाकर्मी मारे गए, जबकि जवाबी कार्रवाई में 145 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए.

यह हाल के वर्षों में प्रांत की सबसे घातक हिंसा में से एक है. बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है. हमले कई जगहों पर हुए, जिनमें प्रांतीय राजधानी क्वेटा भी शामिल है.

हमलावरों ने बैंक और पुलिस स्टेशनों को बनाया निशाना 

हमलावरों ने बैंकों, जेलों, पुलिस स्टेशनों और सैन्य ठिकानों पर हमला किया. कुछ जगहों पर गोलीबारी, विस्फोट और आत्मघाती हमले हुए. एक उप जिला आयुक्त का अपहरण भी हुआ. क्वेटा सहित करीब एक दर्जन इलाके सील कर दिए गए. रविवार को भी तलाशी अभियान जारी रहा. शहर में सड़कें खाली रही, दुकानें बंद रही और लोग घरों में कैद हो गए. एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि बाहर निकलने पर जान का खतरा रहता है.

इंटरनेट और यातायात पर रोक

हिंसा के बाद पूरे प्रांत में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे से ज्यादा समय तक बंद कर दी गई है. सड़क यातायात बाधित है और ट्रेन सेवाएं रोक दी गई हैं. ये कदम सुरक्षा बढ़ाने और सूचना फैलने से रोकने के लिए उठाए गए हैं. क्वेटा में विस्फोटों से क्षतिग्रस्त वाहन और धातु के टुकड़े बिखरे पड़े थे, जो हमलों की तीव्रता दिखाते हैं.

पाकिस्तान सेना की प्रतिक्रिया 

पाकिस्तानी सेना ने "सफाई अभियान" चलाया और दोषियों को सजा देने की कसम खाई. सेना ने कहा कि अपराधियों, उनके मददगारों और उकसाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. बीएलए ने कहा कि उन्होंने सैन्य ठिकानों, पुलिस और नागरिक अधिकारियों को निशाना बनाया. प्रांत दशकों से अलगाववादी विद्रोह का गवाह रहा है, जहां सुरक्षा बलों और गैर-स्थानीय लोगों पर हमले होते रहते हैं.

भारत का जवाब

पाकिस्तान ने इन हमलों में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया, लेकिन भारत ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये आरोप पाकिस्तान की आंतरिक विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश हैं.

भारत ने सलाह दी कि दमन और मानवाधिकार उल्लंघन के बजाय लोगों की मांगों पर ध्यान दिया जाए. जांच और बचाव कार्य जारी हैं, जबकि स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

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