'आंतरिक विफलताओं से ध्यान हटाने की सामान्य रणनीति', भारत ने बलूचिस्तान हमले पर पाकिस्तान के दावे को किया खारिज

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन आरोपों को बेबुनियाद और निराधार करार देते हुए कहा कि यह पाकिस्तान की पुरानी आदत है. भारत ने बलूचिस्तान में दमन, क्रूरता और मानवाधिकारों के उल्लंघन के इतिहास की ओर इशारा किया.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्ली: भारत ने रविवार को पाकिस्तान के उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें बलूचिस्तान प्रांत में हाल के आतंकी हमलों में नई दिल्ली की कथित संलिप्तता का दावा किया गया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन आरोपों को बेबुनियाद और निराधार करार देते हुए कहा कि यह पाकिस्तान की पुरानी आदत है, जिसमें वह अपनी आंतरिक कमजोरियों और असफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए भारत को दोषी ठहराता है.

पाकिस्तान की पुरानी रणनीति पर सवाल

जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिंसा की घटनाओं पर हर बार बेबुनियाद दावे दोहराने के बजाय पाकिस्तान को बलूचिस्तान के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने बलूचिस्तान में दमन, क्रूरता और मानवाधिकारों के उल्लंघन के इतिहास की ओर इशारा किया, जो पूरी दुनिया के सामने है. प्रवक्ता ने जोर दिया कि पाकिस्तान को अपनी आंतरिक समस्याओं का समाधान खुद ढूंढना होगा, न कि पड़ोसी देश पर दोष मढ़कर मुद्दे को टालना चाहिए.

बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा 

पाकिस्तानी सेना के अनुसार, बलूचिस्तान में हाल के दिनों में आतंकवाद-विरोधी अभियान तेज हुए हैं. इन अभियानों में कम से कम 15 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं, जबकि 92 आतंकवादियों को मार गिराया गया. सेना ने क्वेटा, मस्तंग, नुश्की, दलबांदिन, खारान, पंजगुर, तुंप, ग्वादर और पसनी जैसे इलाकों में बलूच समूहों की गतिविधियों का जिक्र किया. 

शनिवार को हुए एक बड़े हमले में महिलाओं और बच्चों समेत 18 नागरिक मारे गए. पाकिस्तानी सेना ने कहा कि वह बलूचिस्तान में तलाशी अभियान जारी रखेगी. सेना के बयान में दावा किया गया कि तीन आत्मघाती हमलावरों सहित 92 आतंकवादियों को खत्म किया गया. पिछले दो दिनों के अभियानों के बाद कुल मारे गए आतंकवादियों की संख्या 133 पहुंच गई है.

हिंसा में लगातार इजाफा

बलूचिस्तान में हिंसा का स्तर तेजी से बढ़ रहा है. सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (सीआरएसएस) की जनवरी 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल जहां 787 लोग मारे गए थे, वहीं इस साल यह आंकड़ा 956 तक पहुंच गया, यानी करीब 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी. इसी तरह, पाक इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज के अनुसार, 2025 में पूरे पाकिस्तान में आतंकी हमलों और हिंसक घटनाओं में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई. देशभर में 699 आतंकी घटनाएं दर्ज की गईं.

भारत का रुख साफ

भारत ने एक बार फिर दोहराया कि वह पाकिस्तान की आंतरिक अस्थिरता का कारण नहीं है. बलूचिस्तान की समस्या पाकिस्तान की अपनी नीतियों और दमनकारी रवैये का नतीजा है. जायसवाल ने कहा कि आरोप लगाने से बेहतर है कि इस्लामाबाद क्षेत्रीय स्थिरता और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए. 

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