उम्मीदें टूटी, वादे अधूरे...चुनावी साल में केरल की अनदेखी पर भड़के शशि थरूर

बजट में केरल की अनदेखी पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर #InvisibleKerala पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने लिखा, "एक चुनावी साल में 'अदृश्य केरल' का बजट अपने आप में एक संदेश है."

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और तिरुवनंतपुरम से प्रतिनिधित्व करने वाले शशि थरूर ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण में केरल का नाम तक नहीं लिया गया. व्यंग्य करते हुए उन्होंने एक नया हैशटैग ट्रेंड करने की अपील की: #InvisibleKerala यानी "अदृश्य केरल". थरूर ने इसे चुनावी साल में केरल की अनदेखी का स्पष्ट संदेश बताया.

केरल की अनदेखी पर गुस्सा

थरूर ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट किया कि बजट भाषण में पुरानी बातों की दोहराव और बेचैनी साफ झलक रही है. केरल देश के विदेशी मुद्रा भंडार, कुशल मानव संसाधन और सॉफ्ट पावर में बड़ा योगदान देता है, फिर भी केंद्र की आर्थिक नीति में यह राज्य पूरी तरह गायब नजर आता है. उन्होंने लिखा, "एक चुनावी साल में 'अदृश्य केरल' का बजट अपने आप में एक संदेश है."

मलयाली होने के नाते थरूर ने निराशा जताई कि केरलवासी एक तरफ केंद्र सरकार की "हमारी पीड़ा के प्रति उदासीनता" और दूसरी तरफ राज्य सरकार की "वित्तीय फिजूलखर्ची" के बीच फंसे हैं. उन्होंने कहा, "हमें ऐसा विकल्प चाहिए जो दिल्ली में सम्मान कमाए और केरल में विकास लाए. फिलहाल न तो एक है, न दूसरा."

उम्मीदें टूटीं, वादे अधूरे

बजट से पहले थरूर ने उम्मीद जताई थी कि केंद्र केरल से किए वादों को पूरा करेगा, जैसे एम्स या आयुर्वेद संस्थान की स्थापना. लेकिन भाषण में इनका जिक्र नहीं हुआ. उन्होंने पूछा कि जहाज मरम्मत जैसे क्षेत्रों में वाराणसी और पटना का नाम लिया गया, लेकिन केरल का क्यों नहीं? आयुर्वेद के लिए अखिल भारतीय संस्थान की बात हुई, पर केरल का नाम गायब.

थरूर ने तटीय कटाव के मुद्दे पर भी केंद्र पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि चीन से एक इंच जमीन खोने पर "युद्ध" और "राष्ट्रीय सुरक्षा" की बात होती है, लेकिन समुद्र से सालाना जमीन खोने पर चुप्पी क्यों? केरल की तटरेखा हर साल सिकुड़ रही है, लेकिन केंद्र इसे गंभीरता से नहीं ले रहा. कोई "युद्ध स्तर" की योजना या पैकेज नहीं है.

चुनावी साल में बड़ा संदेश

थरूर ने कहा कि बजट में सबहेडिंग्स तो बहुत हैं, लेकिन ठोस विवरण कम. केरल के सांसद के रूप में उन्हें इस बजट से कुछ भी संतोषजनक नहीं लगा. उन्होंने मीडियाज से कहा कि यह बजट मध्य वर्ग पर दबाव बढ़ा रहा है और केरल जैसे योगदान देने वाले राज्य को अनदेखा कर रहा है.

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