यह क्षेत्रीय युद्ध होगा...अमेरिका से बढ़ते टकराव के बीच बोले खामेनेई
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने अमेरिका को क्षेत्रीय युद्ध की चेतावनी दी. ट्रंप की धमकियों के बीच उन्होंने खुमैनी मकबरे का दौरा किया. ईरान में विरोध प्रदर्शनों में हजारों मौतें हुईं, जिन्हें विदेशी साजिश बताया. तनाव बढ़ने से मध्य पूर्व अस्थिर हो रहा है.

नई दिल्लीः अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने शनिवार को दुर्लभ सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज की. उन्होंने दक्षिणी तेहरान में इस्लामी गणराज्य के संस्थापक इमाम रुहोल्लाह खुमैनी के मकबरे का दौरा किया. यह दौरा इस्लामी क्रांति की 47वीं वर्षगांठ से ठीक पहले हुआ, जहां उन्होंने प्रार्थना की और क्रांति के शहीदों को श्रद्धांजलि दी.
अमेरिका को क्षेत्रीय युद्ध की चेतावनी
एक दिन बाद खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य हमले की धमकियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अमेरिकियों को पता होना चाहिए कि अगर वे युद्ध शुरू करते हैं, तो इस बार यह क्षेत्रीय युद्ध होगा. यह बयान अमेरिका के साथ बढ़ते टकराव में उनकी सबसे स्पष्ट धमकी मानी जा रही है. उन्होंने ट्रंप के बार-बार सभी विकल्प खुले कहने और जहाजों की तैनाती पर टिप्पणी की कि ईरानी राष्ट्र ऐसी धमकियों से डरने वाला नहीं है.
खामेनेई ने ईरान में हाल के विरोध प्रदर्शनों को तख्तापलट करार दिया और कहा कि इनका मकसद शासन की मजबूत संस्थाओं पर हमला करना था. उन्होंने अमेरिका और इजराइल को इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया.
ट्रंप की ओर से समझौते की उम्मीद
ट्रंप ने एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत में कहा कि ईरान के साथ संतोषजनक समझौता हो सकता है, जिसमें परमाणु हथियार न हों. उन्होंने दावा किया कि ईरान गंभीरता से बात कर रहा है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं कि वे ऐसा करेंगे या नहीं. ट्रंप ने ईरान पर प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की निंदा की थी और दो लाल रेखाएं खींची थीं. शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या या बड़े पैमाने पर निष्पादन.
Trump on Iran:
— Clash Report (@clashreport) February 1, 2026
You could make a negotiated deal that would be satisfactory, with no nuclear weapons, and they should do that. But I don’t know that they will.
They are talking to us — seriously talking to us. pic.twitter.com/wXBlhvftJl
अरब सागर में यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत और अन्य युद्धपोतों की तैनाती से युद्ध की आशंकाएं बढ़ी हैं. अमेरिकी नौसेना के पास क्षेत्र में छह विध्वंसक, एक विमानवाहक और तीन तटीय युद्धपोत हैं. कई विश्लेषक इसे तेहरान को बातचीत के लिए मजबूर करने की रणनीति मानते हैं, क्योंकि सीधा टकराव क्षेत्रीय युद्ध को जन्म दे सकता है.
विरोध प्रदर्शनों में भारी मौतें
दिसंबर 2025 से ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हुए, जो गिरती अर्थव्यवस्था, महंगाई और दमन से भड़के. आधिकारिक आंकड़ों में 3,117 मौतें बताई गईं, लेकिन अमेरिका स्थित मानवाधिकार समूह एचआरएएनए (HRANA) ने 6,713 से ज्यादा मौतों की पुष्टि की है. कुछ रिपोर्टों में आंकड़ा 20,000 से 30,000 तक पहुंचा है, जिसमें प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और दमन शामिल है.
खामेनेई ने इन मौतों को "विदेशी साजिश" बताया और ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया. प्रदर्शनों को दबाने के लिए इंटरनेट बंद किया गया और बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुईं. यह स्थिति मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ा रही है. ईरान अमेरिकी धमकियों को नजरअंदाज कर रहा है, जबकि ट्रंप समझौते की उम्मीद जता रहे हैं. क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ने से वैश्विक बाजार और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है.


