मिडिल ईस्ट में जंग के आसार! ट्रंप ने बातचीत को लेकर दी डेडलाइन, परमाणु कार्यक्रम पर नहीं झुकेगा ईरान

ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ता जा रहा है. ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए समझौते की उम्मीद जताई, जबकि तेहरान ने मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम पर झुकने से इनकार किया. पुतिन से मुलाकात के बाद रूस की मध्यस्थता चर्चा में है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में इस समय स्थिती बेहद तनावपूर्ण नजर आ रही है. ईरान-अमेरिका के बीच की टेंशन लगातार बढ़ती ही जा रही है. इसी बीच शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और यूरोप पर देश में हाल ही में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोगों को "उकसाने" और तनाव भड़काने का आरोप लगाया है. 

बता दें कि ईरान के राष्ट्रपति का ये बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुक्रवार (स्थानीय समय) को दिए गए एक बयान के बाद आया है. डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने बयान में विश्वास जताया था कि अमेरिका द्वारा सैन्य कार्रवाई का सामना करने के बजाय ईरान समझौता करना पसंद करेगा. 

ट्रंप ने किया दावा

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि, "मैं यह कह सकता हूं कि वे समझौता करना चाहते हैं." ट्रंप ने यह भी कहा कि परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने के लिए अमेरिका ने ईरान को एक समय सीमा दी है. हालांकि ट्रंप ने समय सीमा क्या है, इस बात का कोई जिक्र नहीं किया. 

ट्रंप ने ये भी उम्मीद जताई है कि अमेरिकी हमलों से बचने के लिए ईरान समझौता करने की कोशिश करेगा. ईरान के तटवर्ती जलक्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नौसैनिक विमानवाहक पोत समूह के बारे नें बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि, "हमारे पास एक विशाल बेड़ा है, जो इस समय ईरान की ओर बढ़ रहा है." ट्रंप ने धमकी भरे शब्दों में कहा कि, "उम्मीद है कि हम समझौता कर लेंगे. अगर ऐसा होता है, तो ये अच्छी बात है. अगर नहीं, तो हम देखेंगे कि आगे क्या होता है."

पुतिन से हुई मुलाकात

ईरान ने भी शुक्रवार को साफ कर दिया है कि वो अपनी मिसाइल और रक्षा क्षमताओं को बातचीत की मेज पर "कभी" नहीं आने देगा. ईरान के सेना प्रमुख अमीर हतामी ने साफ संकेत देते हुए कहा कि, उनके देश की परमाणु तकनीक को "खत्म नहीं किया जा सकता."

वहीं, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने शुक्रवार को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की. हालांकि दोनों नेताओं के बीच किस मुद्दे पर चर्चा हुई इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. लेकिन, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की पेशकश की है.

क्या है ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने का कारण?

ईरान में मौजूदा शासन के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके चलते तेहरान के सुरक्षा बलों द्वारा कि गई  कार्रवाई के कारण कथित तौर पर हजारों लोगों की मौत हो गई. इस विरोध प्रदर्शन के बाद से ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा इस्लामिक गणराज्य पर हमले की धमकी दिए जाने के बाद तनाव और बढ़ गया. 

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