बजट 2026: ब्रीफ़केस से टेबलेट तक का सफर, कैसे बदला बजट दस्तावेजों का प्रारूप?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी को अपना नौवां बजट पेश करेंगी और सबकी नजरें अब वित्त मंत्री के पिटारे पर टिकी हैं. पिछले कुछ सालों में केंद्रीय बजट पेश करने के तरीके में काफी बदलाव आया है.आइये जानते है कैसे हुआ ये बदलाव .

बजट 2026 Live: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी को अपना नौवां बजट पेश करेंगी जिसमे सुई से लेकर हवाई जहाज के किराय तक ,आम आदमी से लेकर उद्योग पति तक सबकी जेब पर असर पड़ेगा. वित्त मंत्री विकास की गति को बनाये रखने , राजकोषीय अनुशासन को कायम रखने और वैश्विक व्यापारिक टकरावो से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए सुधर और सुझाव पेश करेंगे. यह बजट वित्त वर्ष 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 के लिए होगा जिसे आजाद भारत में पहली बार रविवार को पेश किया जायेगा.
बजट क्या होता है?
बजट किसी खास समय (आमतौर पर एक साल) के लिए इनकम और खर्चों का पूरा हिसाब या प्लान होता है. आसान शब्दों में, इसका मतलब है यह तय करना कि पैसा कहाँ से आएगा और ज़रूरी चीज़ों पर कितना खर्च किया जाएगा. घर के लेवल पर, यह घर के खर्चों का बजट होता है, जबकि नेशनल लेवल पर, यह सरकार का फाइनेंशियल प्लान होता है जो बताता है कि लोगों के लिए शिक्षा, हेल्थकेयर और डेवलपमेंट जैसी चीज़ों पर कितना पैसा खर्च किया जाएगा.
ब्रीफकेस से टेबलेट तक सफर
ब्रीफकेस
ब्रीफकेस और बही खाता से लेकर टैबलेट तक, पिछले कुछ सालों में केंद्रीय बजट पेश करने के तरीके में काफ़ी बदलाव आया है.आजाद भारत के पहले वित्त मंत्री आर.के. शंकमुखम चेट्टी ने बजट पेश करने के लिए ब्रीफकेस का उपयोग किया जिसमे उन्होंने बजट के दस्तावेज पेश किये. शुरूआती सालो में वित्त मंत्री बजट दस्तावेज पेश करने के लिए संसद में ब्रीफकेस लेकर जाते थे, और उनकी तस्वीरें भी ली जाती थीं. ये ब्रीफकेस ब्रिटिश वित्त मंत्री विलियम एवर्ट ग्लैडस्टोन के नाम पर रखे गए 'ग्लैडस्टोन बॉक्स' की तरह था. ब्रीफकेस में बजट पेश करने की परंपरा कई सालो तक चली.जिसके बाद 2019 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस परंपरा को तोड़ते हुए 2019 में भारतीय लेखा बहिकता का इस्मेमाल शुरू किया.
बही खाता
बजट को भारतीय संस्कृति का रंग देते हुए 2019 में निर्मला सीतारमण ने पारंपरिक ब्रीफकेस के जगह भारतीय घरो और दुकानदारों द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले लाल रंग के बहीखाते में बजट पेश किया. उन्होंने ब्रिरीश परंपरा से बहार निकलकर स्वदेशी के तरफ पहल करने की बात कही.
टैबलेट
फिर 2021 टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ते हुए उन्होंने बजट को भारत में निर्मित टैबलेट में पेश किया, जो एक पेपरलेस विकल्प था. वित्त मंत्री टेबलेट को लाल रंग के कवर में संसद में ले गयी जो बहीखाते का ही प्रारूप लग रहा था.
बात करे इस साल की तो आर्थिक मोर्चे पर हर कोई सांस रोके हुए है—क्या इस बार निर्मला सीतारमण का बजट समावेशी विकास का तोहफ़ा लाएगा या यह मिडिल क्लास की बचत पर डाका डालेगा? राहत की उम्मीदों और महंगाई के डर के बीच, यह किस तरह का बजट होगा?


