लखनऊ को भिखारी मुक्त बनाने की तैयारी, 19 प्रमुख चौराहों की निगरानी के लिए 7 टास्क फोर्स टीमें तैनात

लखनऊ को भिखारी-मुक्त शहर बनाने के अपने अभियान को तेज़ करते हुए, ज़िला प्रशासन ने सात स्पेशल टास्क फोर्स टीमें बनाई हैं. ये टीमें शहर के 19 मुख्य चौराहों पर लगातार नज़र रखेंगी और भीख मांगने की प्रथा को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम करेंगी.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

लखनऊ: लखनऊ को "भिखारी मुक्त" शहर बनाने के अभियान को तेज करते हुए जिला प्रशासन ने सात विशेष टास्क फोर्स टीमों का गठन किया है. ये टीमें शहर के 19 प्रमुख चौराहों पर लगातार निगरानी रखेंगी और भीख मांगने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए सक्रिय रूप से काम करेंगी.

प्रशासन का उद्देश्य केवल भीख मांगने से रोकना ही नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाना है. इसके तहत उन्हें परामर्श देकर सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और स्थायी आजीविका के साधन अपना सकें.

जिला प्रशासन के सहयोग से गठित हुईं टीमें

इन सात टास्क फोर्स टीमों का गठन जिला प्रशासन द्वारा महिला कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, नगर निगम और जिला शहरी विकास एजेंसी (DUDA) के सहयोग से किया गया है. टीमें पुरुषों, महिलाओं और बच्चों तीनों वर्गों पर समान रूप से ध्यान देंगी.

परामर्श और सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर

टास्क फोर्स का मुख्य काम भीख मांगते पाए गए व्यक्तियों को समझाना, उन्हें इस प्रथा से हतोत्साहित करना और आत्मनिर्भरता के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ना है. प्रशासन का मानना है कि सामाजिक पुनर्वास के बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है.

टेढ़ी पुलिया के नीचे से हटाए गए अस्थायी डेरा

इस अभियान के तहत शनिवार को महिला कल्याण विभाग, गुडम्बा पुलिस स्टेशन और नगर निगम के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने टेढ़ी पुलिया पुल के नीचे अस्थायी रूप से डेरा डाले हुए लोगों को हटाया. पुल के नीचे का इलाका इसलिए खाली कराया गया ताकि वहां से आसपास के क्षेत्रों में भीख मांगने की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके.

जबरन भीख मांगने पर सख्ती: डीएम विशक जी

जिला मजिस्ट्रेट विशक जी ने अभियान को लेकर कहा, "हम लखनऊ को भिखारी मुक्त शहर बनाने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं. हमने एक समर्पित टीम तैयार की है जो यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेगी कि जबरन भीख मांगने का कोई मामला न हो."

बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ बहुआयामी रणनीति

जिला प्रशासन ने बाल भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने का निर्णय लिया है. इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्कूल भेजना और उनके माता-पिता को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आय के वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराने में मदद करना है.

फ्लाईओवरों से अतिक्रमण हटाने की तैयारी

प्रशासन ने अक्टूबर में यह भी घोषणा की थी कि शहर के सभी फ्लाईओवरों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे. एक अधिकारी के अनुसार, "जिले में यातायात जाम कम करने के उद्देश्य से पिछले कुछ वर्षों में कई फ्लाईओवर बनाए गए हैं. दुर्भाग्यवश, फ्लाईओवरों के नीचे की जगह पर अतिक्रमण हो गया है और कुछ जगहों पर बस्तियां बस गई हैं. हम जमीन के उन बड़े टुकड़ों को वापस लेना चाहते हैं और उनका उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए करना चाहते हैं."

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag