Silver Price Crash: निवेशकों के लिए झटका! तीन दिन में ₹1.5 लाख सस्ती हुई चांदी, सोना 9% गिरा

लगातार तीन कारोबारी दिनों में सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. चांदी अपने उच्च स्तर से करीब 1.5 लाख रुपये सस्ती हुई, जबकि सोना भी 50 हजार रुपये से ज्यादा टूट गया. मेटल शेयर और ETF भी दबाव में रहे.

Shraddha Mishra

सोना-चांदी के बाजार में इन दिनों जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है. जो धातुएं कुछ दिन पहले तक रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं, वे अब तेज गिरावट का सामना कर रही हैं. लगातार तीन कारोबारी दिनों में कीमतों में ऐसी टूट देखी गई है कि निवेशक भी हैरान हैं. खास बात यह है कि बजट वाले दिन भी बाजार खुलते ही दोनों धातुओं में भारी गिरावट दर्ज की गई.

पिछले सप्ताह चांदी ने नया इतिहास बनाया था. गुरुवार को इसका भाव पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया था और 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 4,20,048 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी. लेकिन यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी. वहीं, सोने की कीमतों में भी 9% तक की गिरावट देखने को मिली है. 

1.54 लाख रुपये सस्ती हुई चांदी

शुक्रवार को चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई और भाव करीब 1.28 लाख रुपये टूटकर 2,91,922 रुपये प्रति किलो पर आ गया. गिरावट का सिलसिला यहीं नहीं रुका. रविवार तक चांदी का दाम घटकर 2,65,652 रुपये प्रति किलो रह गया. इस तरह महज तीन कारोबारी दिनों में चांदी अपने उच्च स्तर से करीब 1.54 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है. बजट के दिन भी बाजार खुलते ही इसमें लगभग 27,000 रुपये की और गिरावट दर्ज की गई.

सोने का हाल भी कमजोर

सिर्फ चांदी ही नहीं, सोना भी लगातार दबाव में है. गुरुवार को सोने का भाव 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था. इसके बाद अचानक बिकवाली बढ़ी और कीमतों में गिरावट शुरू हो गई. तीन कारोबारी दिनों में सोने का दाम करीब 54,000 रुपये से ज्यादा गिरकर 1,38,634 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. बजट वाले दिन भी सोने में करीब 9 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. इस तेज उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.

ETF और मेटल शेयरों पर असर

कीमतों में आई इस गिरावट का असर सिर्फ कमोडिटी बाजार तक सीमित नहीं रहा. गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में भी करीब 11 प्रतिशत तक की कमजोरी देखी गई. कुछ प्रमुख ईटीएफ में लोअर सर्किट तक लग गया. मेटल सेक्टर के शेयर भी दबाव में आ गए. वेदांता और हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट आई. हिंदुस्तान कॉपर में 18 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि अन्य धातु कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी दिखाई दी.

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