लखपति दीदी से शी मार्ट्स तक, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, बजट 2026 में महिलाओं को मिला बड़ा तोहफा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश करते हुए महिलाओं को कई शानदार तोहफे दिए. 'शी मार्ट्स' की घोषणा हुई जहां स्वयं सहायता समूह की बहनें अपने उत्पाद बेच सकेंगी और बड़ा बाजार पाएंगी. लखपति दीदी योजना भी जारी रहेगी, जिसमें एसएचजी को ब्याज-मुक्त ऋण मिलेगा.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यानी1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर खास जोर दिया. बजट भाषण में उन्होंने लखपति दीदी कार्यक्रम को और मजबूत करने का ऐलान किया, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा. इस योजना की सफलता के बाद अब सरकार ने महिलाओं को सिर्फ कर्ज देने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें अपने उद्यम की मालिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है.

लखपति दीदी योजना क्या है और इसका लक्ष्य?

लखपति दीदी योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय की प्रमुख पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. योजना के तहत महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने या मौजूदा कारोबार बढ़ाने के लिए ₹5 लाख तक का लोन मिलता है. इस लोन पर सरकार ब्याज सब्सिडी देती है, जिससे महिलाओं पर वित्तीय बोझ बहुत कम हो जाता है. इससे वे खेती, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, हैंडीक्राफ्ट, सिलाई-कढ़ाई, टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में काम कर सालाना कम से कम ₹1 लाख की आय कमा सकती हैं. योजना 18 से 50 साल की SHG सदस्य महिलाओं के लिए है, जो आत्मनिर्भर बनकर परिवार और समाज में अपनी भूमिका मजबूत कर रही हैं.

बजट में नया ऐलान

इस बार के बजट में लखपति दीदी की सफलता को देखते हुए वित्त मंत्री ने 'SHE-मार्ट्स' शुरू करने की घोषणा की. ये सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट होंगे, जो क्लस्टर स्तर पर SHG महिलाओं द्वारा चलाए जाएंगे. महिलाएं अपने बनाए उत्पादों को इन मार्ट्स में बेच सकेंगी, जिससे उन्हें सीधे बाजार मिलेगा, बेहतर कीमत मिलेगी और स्थायी आय का स्रोत बनेगा. पहले महिलाएं सिर्फ कर्ज लेकर काम करती थीं, लेकिन अब वे उद्यम की मालिक बनेंगी. सरकार इन मार्ट्स के लिए बेहतर फाइनेंसिंग, वर्किंग कैपिटल और क्षमता निर्माण पर फोकस करेगी. इससे ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी और वे बड़े बाजार से जुड़ सकेंगी.

महिलाओं को मिलने वाले अन्य फायदे

बजट में लखपति दीदी का लक्ष्य पहले से बढ़ाकर और मजबूत किया गया है. महिलाओं को ट्रेनिंग, मार्केट लिंकेज और कम ब्याज वाले ऋण के साथ-साथ उद्यमिता के नए रास्ते खुलेंगे. ग्रामीण इलाकों में ये मार्ट्स स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाएंगे और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करेंगे. साथ ही, योजना अब क्रेडिट-बेस्ड से एंटरप्राइज ओनरशिप की ओर बढ़ रही है, जो महिलाओं को लंबे समय तक स्वावलंबी बनाएगी.

यह कदम 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को साकार करने में अहम है. बाकी लाखों दीदियां अब न सिर्फ अपनी कमाई बढ़ा रही हैं, बल्कि परिवार और समाज को भी मजबूत कर रही हैं. बजट 2026 महिलाओं के लिए सशक्तिकरण की नई इबारत लिख रहा है, जहां वे सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि उद्यम की मालिक बनेंगी.

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