Budget 2026 तीन कर्तव्यों से प्रेरित: विकास, जन आकांक्षाएं और सबका साथ-सबका विकास - निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारा सबसे पहला कर्तव्य है- देश की आर्थिक रफ्तार को और तेज करना और इसे लंबे समय तक बनाए रखना. इसके लिए उत्पादकता बढ़ानी होगी, वैश्विक मुकाबले में मजबूत बनना होगा और अस्थिर दुनिया के झटकों से अर्थव्यवस्था को मजबूत सुरक्षा कवच देना होगा.

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं. यह उनके कार्यकाल का नौवां बजट है और खास बात यह है कि यह बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला पूर्ण बजट है. बजट भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री ने कहा कि इस खास पृष्ठभूमि के कारण बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों से प्रेरित है, जो विकास की गति, लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति और सबका साथ सबका विकास के सिद्धांत पर आधारित हैं.
निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि इन तीन कर्तव्यों के जरिए सरकार न केवल आर्थिक विकास को मजबूत करना चाहती है, बल्कि हर वर्ग, क्षेत्र और परिवार को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने का संकल्प भी दोहराया है. यह बजट आत्मनिर्भर भारत और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
#UnionBudget2026 | Union Finance Minister Nirmala Sitharaman says, "Given that this is the first Budget prepared in Kartavya Bhavan, we are inspired by 3 kartavya.
First kartavya is to accelerate and sustain economic growth by enhancing productivity and competitiveness and… pic.twitter.com/7MZURFOWVZ— ANI (@ANI) February 1, 2026
तीन कर्तव्यों से प्रेरित बजट
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि कर्तव्य भवन में तैयार पहला बजट होने के कारण तीन कर्तव्यों से प्रेरणा ली गई है. उन्होंने इन कर्तव्यों को विस्तार से समझाया. जो कुछ इस तरह है.
पहला कर्तव्य: आर्थिक विकास को गति देना और बनाए रखना पहला कर्तव्य है, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर तथा अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों के प्रति लचीलापन विकसित करके आर्थिक विकास को गति देना और उसे बनाए रखना.
दूसरा कर्तव्य: लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति और क्षमता निर्माण दूसरा कर्तव्य है अपने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना, ताकि वे भारत की समृद्धि के पथ में सशक्त भागीदार बन सकें.
तीसरा कर्तव्य: सबका साथ सबका विकास का लक्ष्य तीसरा कर्तव्य, जो ‘सबका साथ सबका विकास’ की परिकल्पना के अनुरूप है, यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र और वर्ग को सार्थक भागीदारी के लिए संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच प्राप्त हो.


