पाकिस्तान की लंबी दूरी की मिसाइल ने बढ़ाई अमेरिका की चिंता, US में अलर्ट

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल विकसित कर रहा है, जो भविष्य में उसकी मुख्य भूमि तक पहुंच सकती है. हालांकि, अभी ICBM तैयार नहीं है, लेकिन तेजी से बढ़ते इस कार्यक्रम ने अमेरिका की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

अमेरिका में इन दिनों पाकिस्तान के बढ़ते मिसाइल कार्यक्रम को लेकर चिंता बढ़ गई है. 18 मार्च 2026 को अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गाबार्ड ने सीनेट में चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल विकसित कर रहा है, जो भविष्य में अमेरिका की मुख्य भूमि तक पहुंचने में सक्षम हो सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल पाकिस्तान के पास इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) नहीं है, लेकिन उसकी तकनीकी प्रगति इसी दिशा में बढ़ रही है.

पाकिस्तान और अमेरिका के बीच कितनी है दूरी?

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान ऐसे रॉकेट इंजन और सिस्टम पर काम कर रहा है, जो 5500 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाली मिसाइलों के निर्माण में सहायक हो सकते हैं. यदि यह कार्यक्रम सफल होता है, तो पाकिस्तान की मारक क्षमता वर्तमान क्षेत्रीय दायरे से निकलकर वैश्विक स्तर तक पहुंच सकती है. पाकिस्तान और अमेरिका के बीच करीब 12,000 किलोमीटर की दूरी है. इसलिए इस तरह की मिसाइल अमेरिका के लिए संभावित खतरा मानी जा रही है.

फिलहाल पाकिस्तान की सबसे लंबी दूरी की मिसाइल Shaheen-III है, जिसकी रेंज लगभग 2750 किलोमीटर है और यह पूरे भारत को कवर कर सकती है. यह ठोस ईंधन से चलने वाली मिसाइल है, जिसे कम समय में लॉन्च किया जा सकता है और इसमें परमाणु या पारंपरिक दोनों तरह के हथियार लगाए जा सकते हैं. इसके अलावा Ababeel मिसाइल भी काफी अहम मानी जाती है, जो एक साथ कई परमाणु वॉरहेड अलग-अलग लक्ष्यों पर दागने की क्षमता रखती है. इसके पीछे उद्देश्य दुश्मन की मिसाइल रक्षा प्रणाली को भेदना है.

पुरानी मिसाइलों में Ghauri और Shaheen-II शामिल हैं, जिनकी रेंज 500 से 2500 किलोमीटर तक है. हालांकि अब अमेरिकी एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान इन सीमाओं से आगे बढ़कर और अधिक दूरी तय करने वाली मिसाइलों पर काम कर रहा है. इसी कारण अमेरिका ने इस कार्यक्रम से जुड़ी चार पाकिस्तानी कंपनियों पर प्रतिबंध भी लगाए हैं.

क्यों बढ़ रही अमेरिका की चिंता?

अमेरिका की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि रूस, चीन और ईरान जैसे देश पहले से ही लंबी दूरी की मिसाइलों पर काम कर रहे हैं. अब पाकिस्तान का इस दिशा में आगे बढ़ना सुरक्षा समीकरण को और जटिल बना सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि 2035 तक यह खतरा और बढ़ सकता है.

हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि उसका मिसाइल कार्यक्रम मुख्य रूप से भारत को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है, लेकिन अमेरिका इसे अपनी सुरक्षा के लिए संभावित जोखिम के रूप में देख रहा है. फिलहाल यह मिसाइल पूरी तरह तैयार नहीं है, लेकिन इसकी तेज रफ्तार से हो रही प्रगति ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है.

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