मुंशीगंज में चुनाव परिणामों के बाद हिंसा: 1 की मौत, 10 घायल... कई जिलों में फैला तनाव

बांग्लादेश के मुंशीगंज में संसदीय चुनाव परिणामों के एक दिन बाद हिंसा भड़क उठी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 10 लोग घायल हो गए. घटना के बाद ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, जबकि प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा कड़ी कर अतिरिक्त बल तैनात कर दिए हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद देश के कई हिस्सों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई. मुंशीगंज कस्बे में शुक्रवार को भड़की हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कम से कम 10 अन्य लोग घायल हुए. अधिकारियों ने शनिवार को घटना की पुष्टि की और बताया कि हालात पर नजर रखी जा रही है.

यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की है. चुनावी नतीजों के एक दिन बाद ही कई जिलों में झड़पों और हमलों की खबरें आने लगीं, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है.

मुंशीगंज में भड़की हिंसा, छात्रों का प्रदर्शन

मुंशीगंज में हुई मौत के बाद ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान छात्रों के नारे लगाते और जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. वीडियो में छात्रों को यह कहते हुए सुना गया, "हत्यारों के खिलाफ सीधी कार्रवाई होनी चाहिए."

प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं.

मतदान के दौरान बम धमाका

खबरों के अनुसार, गुरुवार को मतदान के दौरान मुंशीगंज के एक मतदान केंद्र पर देसी बम धमाका हुआ था. यह घटना सदर उपज़िला के मोल्लाकंडी यूनियन स्थित मखाती गुरुचरण हाई स्कूल मतदान केंद्र पर हुई. बताया गया कि इसमें प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के समर्थक शामिल थे.

हालांकि धमाके के कारण मतदान कुछ समय के लिए बाधित हुआ, लेकिन अधिकारियों ने इसे ‘मामूली घटना’ बताया.

पुलिस का बयान

मीडिया रिपोर्ट्स ने मुंशीगंज सदर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद मोमिनुल इस्लाम के हवाले से बताया, "बीएनपी समर्थित उम्मीदवार कमरुज्जमान (धान की बाली का चिन्ह) और निर्दलीय उम्मीदवार मोहिउद्दीन के समर्थक इसमें शामिल थे."

अन्य जिलों में भी हिंसा

मुंशीगंज के अलावा कई अन्य जिलों में भी चुनाव परिणामों के बाद हिंसा की घटनाएं सामने आईं. बांग्लादेश के प्रोथोम आलो की रिपोर्ट के मुताबिक, मतदान समाप्त होने और नतीजे घोषित होने के बाद कई जिलों में झड़पें हुईं, जिनमें 80 से अधिक लोग घायल हो गए.

रिपोर्ट में कहा गया है कि गुरुवार और शुक्रवार को बागेरहाट में जवाबी हमलों और झड़पों में 35 लोग घायल हुए. वहीं झेनाइदाह, किशोरगंज, मेहरपुर, पटुआखाली और दिनाजपुर में हिंसा की घटनाओं में करीब 50 लोग घायल हुए.

इन हमलों के दौरान कई बीएनपी नेताओं के घरों को भी निशाना बनाया गया. पार्टी ने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है और कहा है कि सुरक्षाकर्मी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं. प्रोथोम आलो ने बागेरहाट के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हसन चौधरी के हवाले से कहा, "हम किसी भी आपराधिक कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसमें शामिल लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस अभियान जारी है."

चुनाव परिणाम और बीएनपी की वापसी

बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में 59.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. बीएनपी ने 300 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. दो दशकों से अधिक समय बाद पार्टी ने सत्ता में वापसी की है.

इस्लामी विचारधारा वाली जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं. वहीं, अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था.

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