बांग्लादेश में BJP की एक सीट की जीत, नाम से मचा कोहराम, जानिए ये कौन सी पार्टी है?
बांग्लादेश जाटिया पार्टी के उम्मीदवार ने धमाकेदार जीत हासिल की. उन्होंने 1,05,543 वोटों के साथ कमाल दिखाया और अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी, बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार मो. नजरुल इस्लाम को काफी अंतर से मात दी.

बांग्लादेश की 13वीं आम चुनाव में नाम से परिचित 'बीजेपी' सुर्खियों में है, लेकिन यह भारत की भारतीय जनता पार्टी से बिल्कुल अलग है. यहां बात हो रही है बांग्लादेश जतिया पार्टी (BJP) की, जिसने भोला-1 सीट से अंडालीव रहमान परथो की जीत के साथ सिर्फ एक सीट हासिल की है. चुनाव आयोग ने 297 सीटों के नतीजे घोषित किए हैं, जिसमें बीएनपी और उसके गठबंधन ने 212 सीटें जीतीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगियों को 77 सीटें मिलीं.
बीएनपी ने अकेले 209 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया है. इस बीच बांग्लादेश जतिया पार्टी के चेयरमैन अंडालीव रहमान परथो ने भोला-1 से शानदार जीत दर्ज की, जहां उन्होंने 1,05,543 वोट हासिल कर जमात उम्मीदवार एमडी नजरुल इस्लाम को 75,337 वोटों से हराया. परथो ने चुनाव से पहले भोला को दक्षिणी क्षेत्र का 'तिलोत्तमा' बनाने का वादा किया था.
चुनाव परिणामों का कुल आंकड़ा
चुनाव आयोग के अनुसार 297 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. बीएनपी और उसके सहयोगियों ने 212 सीटें जीतीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी और उसके गठबंधन को 77 सीटें मिलीं. जमात ने 68 सीटें हासिल कीं, जबकि नेशनल सिटिजन पार्टी को 6 सीटें मिलीं. कुल 50 राजनीतिक दलों ने चुनाव लड़ा, जिसमें 2,028 उम्मीदवार शामिल थे, जिनमें 273 निर्दलीय भी थे. बीएनपी ने सबसे ज्यादा 291 उम्मीदवार उतारे थे.
भोला-1 में परथो की बड़ी जीत
बांग्लादेश जतिया पार्टी के उम्मीदवार अंडालीव रहमान परथो ने भोला-1 से 1,05,543 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी के एमडी नजरुल इस्लाम को 75,337 वोट मिले. परथो ने चुनाव प्रचार में भोला-बरिशाल ब्रिज निर्माण, मेडिकल कॉलेज स्थापना और हर घर गैस कनेक्शन जैसे वादे किए थे. उन्होंने नशा मुक्ति, स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने और लोगों के बुनियादी अधिकार सुनिश्चित करने का भी वादा किया था.
परथो ने क्या कहा था चुनाव से पहले
परथो ने कहा था कि अगर बीएनपी गठबंधन सत्ता में आया तो भोला में दिखाई देने वाला और स्थायी विकास सुनिश्चित होगा. उन्होंने बीएनपी चेयरमैन तारिक रहमान का इस क्षेत्र पर विशेष फोकस होने की बात कही थी.
अंडालीव रहमान परथो कौन हैं?
अंडालीव रहमान परथो एक राजनेता, शिक्षाविद् और वकील हैं. वे भोला-1 से पूर्व सांसद रह चुके हैं और ढाका में ब्रिटिश स्कूल ऑफ लॉ के प्रिंसिपल भी हैं. उनकी राजनीतिक शुरुआत 2008 में हुई, जब उन्होंने भोला-1 से चार दलों के गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और अवामी लीग के यूसुफ हुसैन हुमायूं को हराया. 2009 से 2014 तक वे संसदीय स्थायी समिति के सदस्य रहे, जो अब पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन मिनिस्ट्री कहलाती है. परथो पूर्व मंत्री और भोला-1 सांसद नजीउर रहमान मंजू के बेटे हैं.


