'रूस समझौता करने को तैयार, लेकिन...' ट्रंप ने किया बड़ा दावा, जेलेंस्की पर बढ़ाया दबाव

जिनेवा में रूस-यूक्रेन वार्ता से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने जेलेंस्की पर समझौते का दबाव बढ़ाया है. डोनबास समेत कई मुद्दों पर मतभेद कायम हैं, जबकि सीमा पर युद्ध और हमले लगातार जारी हैं.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की पर रूस के साथ समझौते की दिशा में तेजी दिखाने का दबाव बढ़ा दिया है. उनका कहना है कि अगर अब भी कदम नहीं उठाया गया, तो बड़ा मौका हाथ से निकल सकता है. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने साफ कहा कि रूस समझौता करने को तैयार दिख रहा है, लेकिन जेलेंस्की को पहल करनी होगी. 

ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका अगले सप्ताह दोनों देशों के प्रतिनिधियों के साथ एक और दौर की बातचीत की तैयारी कर रहा है. यह वार्ता मंगलवार और बुधवार को जिनेवा में प्रस्तावित है. यूक्रेन की ओर से राष्ट्रपति के संचार सलाहकार दिमित्रो लिटविन ने इन चर्चाओं की पुष्टि की है. जिनेवा में होने वाली यह बैठक अबू धाबी में हुई पिछली वार्ताओं के बाद हो रही है. उन बैठकों में डोनबास क्षेत्र को लेकर मतभेद दूर नहीं हो सके थे. 

जेनेवा में फिर आमने-सामने

रूस की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सलाहकार व्लादिमीर मेदिंस्की करेंगे. वहीं यूक्रेन की टीम का नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के प्रमुख रुस्तम उमेरोव के हाथ में रहेगा. हालांकि इस बार अमेरिकी टीम में कौन शामिल होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है. पिछली बैठकों में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मौजूद थे.

बढ़ता राजनीतिक दबाव

ट्रंप ने हाल के दिनों में पुतिन के प्रति नाराजगी जताई है, लेकिन उन्होंने ज़ेलेंस्की की अधिक आलोचना की है. उनका मानना है कि कीव की ओर से समझौते की प्रक्रिया धीमी चल रही है. जेलेंस्की ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका ने जून तक समझौते की समय सीमा तय की है, हालांकि पहले भी कई समय सीमाएं बिना नतीजे के गुजर चुकी हैं. इस बीच जेलेंस्की म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने जर्मनी पहुंचे, जहां उन्होंने जर्मन अधिकारियों से मुलाकात की और एक यूक्रेन-जर्मनी ड्रोन उत्पादन संयंत्र का दौरा किया. जर्मनी इस संघर्ष में यूक्रेन के प्रमुख समर्थकों में गिना जाता है.

युद्ध का मैदान अब भी सक्रिय

नाटो महासचिव मार्क रुट्टे ने कहा है कि रूस उतनी तेजी से आगे नहीं बढ़ रहा, जितना कुछ लोग मानते हैं. उनके अनुसार रूस की प्रगति बहुत धीमी है. 2014 में शुरू हुए इस संघर्ष और 2022 में हुए बड़े हमले के बाद से रूस यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखता है. लेकिन हर इंच जमीन की कीमत उसे भारी पड़ रही है. करीब 1,250 किलोमीटर लंबी सीमा पर लड़ाई जारी है. 

रूसी हमलों में यूक्रेन के नागरिक इलाकों और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि यूक्रेन भी ड्रोन के जरिए रूस के अंदरूनी हिस्सों पर जवाबी कार्रवाई कर रहा है. हाल ही में पूर्वी यूक्रेन में हुए हमले में 8 से 19 साल के तीन भाइयों की मौत हो गई. ओडेसा में बंदरगाह और ऊर्जा ठिकानों पर हमले में एक व्यक्ति की जान गई और कई घायल हुए. वहीं रूस का दावा है कि उसने रात भर में 58 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए, जिनमें से अधिकतर वोल्गोग्राद क्षेत्र में थे.

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