यूक्रेन युद्ध पर रूस का बड़ा कदम, ज़ेलेंस्की को शांति वार्ता के लिए किया आमंत्रित
लगभग चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक नया संकेत सामने आया है. रूस ने राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को शांति वार्ता के लिए मॉस्को आने का औपचारिक न्योता देकर कूटनीतिक हलचल तेज़ कर दी है.

नई दिल्ली: रूस ने यूक्रेन युद्ध को लेकर एक अहम संकेत देते हुए राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को शांति वार्ता के लिए मॉस्को आने का औपचारिक निमंत्रण भेजा है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब लगभग चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में कूटनीतिक प्रयास तेज़ हो गए हैं.
क्रेमलिन का यह बयान उन अटकलों के बीच आया है, जिनमें कहा जा रहा था कि रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने पर सहमत हो सकते हैं. हालांकि, रूस ने इन अफवाहों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है.
मॉस्को को ज़ेलेंस्की की प्रतिक्रिया का इंतज़ार
इंटरफैक्स समाचार एजेंसी के मुताबिक, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि मॉस्को द्वारा भेजे गए निमंत्रण पर अब तक यूक्रेन के राष्ट्रपति की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है.गौरतलब है कि इससे पहले भी रूस की ओर से ऐसा ही एक निमंत्रण दिया गया था, जिसे ज़ेलेंस्की ने ठुकरा दिया था.
पिछले साल क्यों ठुकराया था न्योता
पिछले वर्ष ज़ेलेंस्की ने मॉस्को आने से इनकार करते हुए कहा था कि वह उस देश की राजधानी नहीं जा सकते, "जो प्रतिदिन उनके देश पर मिसाइलें दाग रहा है."उस समय उन्होंने उल्टा सुझाव दिया था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कीव आएं.
अबू धाबी में अमेरिका की मध्यस्थता से वार्ता
पिछले सप्ताहांत अबू धाबी में अमेरिका की मध्यस्थता से शांति वार्ता को फिर से गति मिली. हालांकि, इन वार्ताओं में रूसी और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडलों के रुख में अब भी स्पष्ट मतभेद बने हुए हैं.इसके बावजूद, बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रयास जारी हैं.
पुतिन-ज़ेलेंस्की मुलाकात के 'करीब' होने का दावा
शनिवार को एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका की मध्यस्थता के बाद ज़ेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बैठक होने की संभावना “बहुत करीब” है.इसी क्रम में रूस और यूक्रेन के बीच अबू धाबी में वार्ता का एक नया दौर रविवार को प्रस्तावित है.
ट्रंप बोले प्रक्रिया में ‘बहुत अच्छी चीजें’ हो रही हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो संघर्ष समाप्त करने के लिए समझौते पर जोर दे रहे हैं, ने मंगलवार को कहा कि शांति वार्ता को लेकर इस प्रक्रिया में "बहुत अच्छी चीजें" हो रही हैं.
शांति समझौते में अब भी कई अड़चनें
हालांकि, शांति वार्ता की राह में कई बड़े मुद्दे अब भी बाधा बने हुए हैं. इनमें यह तय करना कि किसे कौन सा क्षेत्र मिलेगा, युद्ध के बाद यूक्रेन में अंतरराष्ट्रीय शांति रक्षकों या पर्यवेक्षकों की संभावित तैनाती, और रूसी नियंत्रण वाले ज़ापोरिज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र का भविष्य शामिल है.
इलाकों को लेकर सबसे बड़ा विवाद
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को कहा कि क्षेत्रों के बंटवारे को लेकर दोनों पक्षों में असहमति एक केंद्रीय मुद्दा है, जिसे सुलझाना "बहुत मुश्किल" है.रूस चाहता है कि यूक्रेनी सेना डोनेट्स्क क्षेत्र के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से से पीछे हट जाए, जिस पर फिलहाल रूसी सेना का नियंत्रण नहीं है.
कीव का सख्त रुख
यूक्रेन का कहना है कि वह ऐसे किसी क्षेत्र को मॉस्को को सौंपने के लिए तैयार नहीं है, जिसे रूस ने युद्ध के मैदान में नहीं जीता है. कीव का तर्क है कि ऐसा करना भविष्य में रूसी सेनाओं को यूक्रेन में और भीतर तक घुसने का मौका दे सकता है.
ट्रंप का दावा
इसी बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को दावा किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कीव और अन्य यूक्रेनी शहरों पर एक सप्ताह तक हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं.
ट्रंप ने कैबिनेट बैठक में कहा,"उन्होंने पहले कभी ऐसी ठंड का सामना नहीं किया था. मैंने व्यक्तिगत रूप से राष्ट्रपति पुतिन से अनुरोध किया था कि वे एक सप्ताह तक कीव और आसपास के शहरों पर गोलीबारी न करें. वे इसके लिए सहमत हो गए, और मुझे आपको बताना होगा, यह बहुत अच्छा था."


