अमेरिकी कार्रवाई में फंसा रूसी ध्वज वाला टैंकर, 28 सदस्यीय क्रू में तीन भारतीय
अमेरिका ने वेनेजुएला से जुड़े आरोपों के तहत रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर को जब्त किया, जिसमें 28 सदस्यीय चालक दल में तीन भारतीय भी शामिल थे.

अमेरिका द्वारा रूसी ध्वज वाले एक तेल टैंकर को जब्त किए जाने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अमेरिकी सेना ने उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र में जिस टैंकर को अपने नियंत्रण में लिया, उसमें कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे. इनमें तीन भारतीय नागरिकों की मौजूदगी भी सामने आई है, जिससे यह मामला और संवेदनशील हो गया है.
उत्तरी अटलांटिक में रोका जहाज
रूस के परिवहन मंत्रालय के हवाले से बताया गया कि अमेरिकी बलों ने कैरेबियन सागर से इस जहाज का पीछा किया और बाद में उत्तरी अटलांटिक में इसे रोक लिया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस टैंकर के वेनेजुएला से कथित संबंध थे और यह अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था, इसी आधार पर कार्रवाई की गई.
आरटी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जहाज एक निजी व्यापारी द्वारा किराए पर लिया गया था और पहले इसका नाम ‘बेला 1’ था. यह जहाज गुयाना के झंडे के तहत संचालित हो रहा था, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर ‘मरीनरा’ कर दिया गया. चालक दल में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल थे, जिनमें जॉर्जिया के छह, यूक्रेन के 17, भारत के तीन और रूस के दो नागरिक बताए गए हैं.
यह कार्रवाई उस समय की गई जब टैंकर ने प्रतिबंधित जहाजों पर लागू अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी को पार कर लिया और अमेरिकी तटरक्षक बल द्वारा जहाज पर चढ़ने की कोशिशों को भी विफल कर दिया. यह अभियान अमेरिकी तटरक्षक बल और सेना ने मिलकर चलाया. हाल के वर्षों में यह पहला मौका है जब किसी रूसी ध्वज वाले जहाज को अमेरिकी सेना ने जब्त किया है.
रूस की तीखी प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद रूस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. रूस की सत्तारूढ़ यूनाइटेड रूस पार्टी के वरिष्ठ सांसद आंद्रेई क्लिशास ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन बताते हुए “समुद्री डकैती” करार दिया. वहीं, रूस के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि अमेरिकी नौसेना द्वारा जहाज पर चढ़ने के बाद उनका मरीनरा से संपर्क पूरी तरह टूट गया.
आरटी ने एक तस्वीर भी जारी की है, जिसमें एक हेलीकॉप्टर टैंकर के ऊपर उड़ता दिखाई दे रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी बल जहाज पर उतरने की कोशिश कर रहे थे. अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उसने वेनेजुएला से जुड़े दो प्रतिबंधित तेल टैंकरों को जब्त किया है. इनमें दूसरा जहाज ‘एम सोफिया’ है, जो पनामा के झंडे के तहत चल रहा था और जिसे अमेरिकी प्रशासन ने प्रतिबंधित “डार्क फ्लीट” का हिस्सा बताया है.
अमेरिकी गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने कहा कि दोनों जहाज या तो हाल ही में वेनेजुएला के बंदरगाहों पर रुके थे या वहां की ओर जा रहे थे. उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई सुनियोजित तलाशी अभियान का हिस्सा थी. वहीं, ब्रिटेन ने भी स्वीकार किया है कि उसने बेला 1 को रोकने की कार्रवाई में अमेरिका को परिचालन सहयोग प्रदान किया.


