तख्तापलट के एक साल पूरे होने पर शेख हसीना ने लिखा खुला पत्र, कहा- जनता की ताकत से बहाल होगा लोकतंत्र

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार की आलोचना करते हुए जनता को खुला पत्र लिखा. उन्होंने 2025 में अवामी लीग सरकार के पतन को लोकतंत्र के खिलाफ साजिश बताया. हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की जनता अन्याय के खिलाफ डटी रही. उन्होंने लोकतंत्र, न्याय और आज़ादी की पुनर्बहाली का आह्वान करते हुए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने की अपील की.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

5 अगस्त, 2025 को बांग्लादेश में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई अवामी लीग सरकार के पतन को एक वर्ष पूरा हो गया. इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश के नागरिकों को एक खुला पत्र लिखकर वर्तमान अंतरिम सरकार की आलोचना की और लोकतंत्र की बहाली का आह्वान किया.

एक साल पहले हुआ था लोकतंत्र पर हमला
शेख हसीना ने अपने पत्र में कहा कि एक साल पहले बांग्लादेश ने ऐसा काला दिन देखा जब एक गैर-निर्वाचित सरकार ने असंवैधानिक तरीके से सत्ता पर कब्जा कर लिया. उन्होंने इसे न सिर्फ जनता की इच्छाओं का अपमान बताया बल्कि इसे देश के साथ विश्वासघात भी कहा.

अंतरिम सरकार पर तीखा हमला

पत्र में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए हसीना ने लिखा कि भले ही वे सत्ता में आ गए हों, लेकिन वे जनता के हौसले, उम्मीद और भाग्य को नहीं छीन सकते. उन्होंने कहा कि इस दौरान जनता ने अन्याय के सामने चुप रहने से इनकार किया, जो बांग्लादेशियों के साहस का प्रतीक है.

लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए उठाई आवाज

हसीना ने उन नागरिकों की सराहना की जिन्होंने इस एक साल में लोकतंत्र और स्वतंत्रता के पक्ष में आवाज उठाई. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश की जनता ने इस संघर्ष में एकजुटता दिखाई और भले ही यह साल मुश्किलों से भरा हुआ था, पर इसने लोगों और लोकतांत्रिक मूल्यों के बीच अटूट रिश्ते को और भी ज्यादा मजबूत कर दिया.

टूटे सपनों को फिर से जोड़ने का वादा
शेख हसीना ने लिखा, "जो संस्थान और अधिकार हमसे छीने गए हैं, हम उन्हें एक साथ मिलकर दोबारा बनाएंगे. हम एक ऐसा राष्ट्र खड़ा करेंगे जहाँ भय नहीं, आशा और आज़ादी होगी." उन्होंने न्याय, शिक्षा, आर्थिक अवसर और शांति के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने की बात कही.

हम फिर से उठ खड़े होंगे
पूर्व प्रधानमंत्री ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि बांग्लादेश पहले भी मुश्किलों का सामना कर चुका है और अब भी वो नई ताक़त के साथ उठेगा. उन्होंने भरोसा जताया कि देश का भविष्य उज्जवल है और सबसे अच्छे दिन अभी आना बाकी हैं.

शेख हसीना का यह पत्र केवल एक राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि यह देशवासियों को लोकतंत्र के प्रति फिर से जागरूक करने का प्रयास है. उन्होंने आशा, एकता और संघर्ष के माध्यम से एक नए बांग्लादेश के निर्माण की बात कही है, जिसमें नागरिकों के अधिकार और स्वतंत्रता को प्राथमिकता दी जाएगी.

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