जम्मू-कश्मीर के पुंछ में नहीं हुआ कोई सीजफायर उल्लंघन, भारतीय सेना ने रिपोर्ट्स को किया खारिज

भारतीय सेना ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर संघर्षविराम उल्लंघन की कोई घटना नहीं हुई है. सेना का यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिनमें पाकिस्तानी गोलीबारी और जवाबी कार्रवाई के दावे किए गए थे.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Jammu Kashmir Ceasefire Violation: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तानी गोलीबारी की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए भारतीय सेना ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि पुंछ सेक्टर में संघर्षविराम उल्लंघन की कोई घटना नहीं हुई है. इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम का उल्लंघन किया गया, जिसके बाद दोनों ओर से 15 मिनट तक गोलीबारी हुई थी.

इन रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि गोलीबारी की इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है. हालांकि, सेना ने इन दावों को गलत बताते हुए कहा, "नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम उल्लंघन की कोई घटना नहीं घटी है."

मई में हुआ था संघर्षविराम का उल्लंघन

भारतीय सेना की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब मई में पाकिस्तान की ओर से जम्मू सेक्टर में बीएसएफ चौकियों पर की गई अकारण गोलीबारी को लेकर पहले ही तनाव का माहौल रह चुका है. 9 मई की रात को पाकिस्तान रेंजर्स ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की चौकियों को निशाना बनाकर गोलीबारी की थी.

बीएसएफ की करारा जवाबी कार्रवाई

10 मई को बीएसएफ ने बयान जारी कर बताया था कि भारतीय जवानों ने इस अकारण हमले का "समानुपाती" जवाब दिया और पाकिस्तानी चौकियों व उनके संसाधनों को भारी नुकसान पहुंचाया.

बीएसएफ जम्मू डिवीजन की ओर से जारी बयान में कहा गया, "9 मई 2025 को रात 9 बजे के करीब पाकिस्तान ने जम्मू सेक्टर में बिना किसी उकसावे के बीएसएफ चौकियों पर गोलीबारी शुरू की. बीएसएफ ने समानुपाती जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान रेंजर्स की चौकियों और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया. भारत की संप्रभुता की रक्षा के लिए हमारा संकल्प अटूट है."

आतंक के खिलाफ भारत की बड़ी कार्रवाई

इससे पहले, 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया था. यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी.

पाकिस्तान की नाकाम जवाबी कार्रवाई

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारत की ओर ड्रोन और मिसाइल हमले की नाकाम कोशिश की, जिससे भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव और बढ़ गया. यह तनाव 10 मई को समाप्त हुआ, जब पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) ने भारतीय DGMO से संपर्क साधा.

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