ईरान पर नरमी के सुर: ट्रंप ने फांसी रद्द करने पर तेहरान का जताया आभार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की तारीफ करते हुए एक अनोखा कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि ईरान ने 800 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की होने वाली फांसियों को रद्द कर दिया. ट्रंप ने खुशी जताते हुए लिखा कि मैं इस फैसले का बहुत सम्मान करता हूं. शुक्रिया

नई दिल्ली: क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच एक असामान्य और सुलहपूर्ण संदेश देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान के नेतृत्व की सराहना की. ट्रंप ने कहा कि तेहरान ने देशव्यापी हिंसक कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को दी जाने वाली फांसी की सजा को रद्द कर दिया है.
ट्रंप के अनुसार, ईरानी प्रशासन ने एक दिन पहले प्रस्तावित 800 से अधिक फांसियों को रोकने का फैसला किया. यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और किसी भी सैन्य टकराव की आशंका पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का संदेश
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि मुझे इस बात का बहुत सम्मान है कि ईरान के नेतृत्व ने कल होने वाली सभी 800 से अधिक निर्धारित फांसियों को रद्द कर दिया है. धन्यवाद यह टिप्पणी हाल के दिनों में ईरान को लेकर ट्रंप प्रशासन की सबसे नरम सार्वजनिक प्रतिक्रिया मानी जा रही है.
सैन्य कार्रवाई की आशंका में कमी और हालात
इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रंप ने संकेत दिया था कि ईरान में हत्याओं की घटनाएं कम हो रही हैं, जिसके बाद अमेरिका की ओर से सीधे सैन्य हस्तक्षेप की संभावना कुछ हद तक घटती नजर आई. हालांकि इसके बावजूद अमेरिकी सैन्य संसाधनों की क्षेत्र में तैनाती की उम्मीद बनी हुई है, जो स्थिति की नाज़ुकता को दर्शाती है.
खाड़ी देशों की कूटनीतिक पहल
पर्दे के पीछे अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों ने हालात बिगड़ने से रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए. एक खाड़ी अधिकारी के अनुसार, सऊदी अरब और कतर ने अमेरिकी अधिकारियों को चेताया कि यदि ईरान पर हमला हुआ तो इसके गंभीर क्षेत्रीय परिणाम होंगे, जिनका असर अमेरिका पर भी पड़ेगा.
इजराइल की चिंता और वॉशिंगटन में उच्चस्तरीय मीटिंग
इजराइल ने भी स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताई है. सूत्रों के मुताबिक, इजराइली खुफिया प्रमुख डेविड बार्निया शुक्रवार को वॉशिंगटन पहुंचे, जहां ईरान को लेकर बातचीत हुई. वहीं, एक इजराइली सैन्य अधिकारी ने कहा कि देश की सेनाएं सर्वोच्च सतर्कता पर हैं.
व्हाइट हाउस की चेतावनी और ‘सभी विकल्प खुले’
एक दिन पहले व्हाइट हाउस ने बताया था कि ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने तेहरान को आगाह किया है कि यदि और खूनखराबा हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. बयान में यह भी कहा गया कि राष्ट्रपति ने सभी विकल्प खुले हैं रखे हुए हैं.
प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि और बढ़ती हिंसा
ईरान में 28 दिसंबर को आर्थिक संकट के विरोध में प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो जल्द ही मौलवी शासन के खिलाफ व्यापक आंदोलन में बदल गए. पिछले सप्ताह के अंत में हालात तब बेकाबू हो गए जब तीन दिनों तक बड़े पैमाने पर हिंसा हुई. विपक्षी संगठनों और एक ईरानी अधिकारी के अनुसार, यह अशांति 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से देश की सबसे भीषण आंतरिक हिंसा थी, जिसमें 2,000 से अधिक लोगों की मौत हुई.


