मिनेसोटा में गोलीबारी पर ट्रम्प का बड़ा हमला, गवर्नर और मेयर पर लगाया ‘विद्रोह’ भड़काने का आरोप
मिनेसोटा में प्रवर्तन अभियान के दौरान हुई गोलीबारी के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने गवर्नर टिम वाल्ज और मेयर जैकब फ्रे पर हालात भड़काने का आरोप लगाया. राज्य सरकार ने संघीय कार्रवाई को अव्यवस्थित और खतरनाक बताया, जिससे राजनीतिक टकराव और गहरा गया.

नई दिल्ली: अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में एक प्रवर्तन अभियान के दौरान हुई घातक गोलीबारी ने राजनीति को फिर से गरमा दिया है. इस घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज और मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ट्रम्प का कहना है कि दोनों नेताओं की भाषा और बयानबाजी ने हालात को और बिगाड़ा और "विद्रोह" जैसी स्थिति पैदा की.
रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘सोशल ट्रुथ’ पर पोस्ट करते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि गवर्नर वाल्ज और मेयर फ्रे लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं जो खतरनाक हैं और लोगों को उकसाते हैं. उनके अनुसार, इन नेताओं को शांति बनाए रखने के बजाय राजनीतिक फायदे के लिए माहौल को भड़काने से मतलब है.
ट्रम्प ने यह भी सवाल उठाया कि आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी (ICE) के अधिकारियों की सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस को क्यों नहीं लगाया गया. उन्होंने इशारा किया कि संभव है स्थानीय प्रशासन ने जानबूझकर पुलिस को पीछे हटा लिया हो, जिससे संघीय एजेंटों को खुद अपनी रक्षा करनी पड़ी.
हथियार और सुरक्षा पर सवाल
राष्ट्रपति ने दावा किया कि मारे गए व्यक्ति के पास हथियार थे और वह खतरा बन सकता था. उन्होंने यह भी कहा कि एजेंटों के सामने हालात ऐसे थे कि उन्हें आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी. अपने दावे को मजबूत करने के लिए ट्रम्प ने एक पुलिस अधिकारी की तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें कथित तौर पर एक प्रदर्शनकारी द्वारा उसकी उंगली काटे जाने की बात कही गई.
ICE एजेंटों का बचाव और धोखाधड़ी का आरोप
ट्रम्प ने ICE अधिकारियों को “देशभक्त” बताते हुए कहा कि उन्हें बिना दबाव के अपना काम करने दिया जाना चाहिए. उन्होंने मिनेसोटा में बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप भी लगाए और कहा कि राज्य और देश से पैसा चुराने वालों को जेल भेजा जाएगा. उनके अनुसार, अब तक 12,000 “अवैध आप्रवासी अपराधियों” को गिरफ्तार कर राज्य से बाहर किया जा चुका है.
राज्य सरकार की तीखी प्रतिक्रिया
गवर्नर टिम वाल्ज ने संघीय कार्रवाई की कड़ी आलोचना की. उन्होंने इस अभियान को "बेहद घिनौना" बताते हुए इसे तुरंत रोकने की मांग की. वाल्ज ने कहा कि मिनेसोटा में हजारों ऐसे अधिकारी भेजे गए हैं जो न तो ठीक से प्रशिक्षित हैं और न ही राज्य की परिस्थितियों को समझते हैं.
मिनियापोलिस के पुलिस प्रमुख ब्रायन ओ’हारा ने बताया कि हालिया गोलीबारी में मारा गया व्यक्ति अमेरिकी नागरिक था और उसके पास कानूनी रूप से बंदूक रखने का परमिट था. उन्होंने यह भी पुष्टि की कि इस घटना में कई संघीय अधिकारी शामिल थे.
बढ़ता टकराव
यह घटना पहले हुई एक अन्य गोलीबारी के बाद सामने आई है, जिसमें 37 वर्षीय रेनी गुड की मौत हो गई थी. लगातार हो रही इन घटनाओं ने मिनेसोटा प्रशासन और ट्रम्प सरकार के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है. जैसे-जैसे राज्य में संघीय आव्रजन अभियान तेज हो रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होती जा रही है, और फिलहाल इस टकराव के थमने के आसार कम ही दिख रहे हैं.


