'दुलरुआ' इजरायल पर ट्रंप का गुस्सा फूटा, बोले– वेस्ट बैंक कब्जा किया तो सब समर्थन खो दोगे

इजरायल द्वारा वेस्ट बैंक पर कब्जे की योजना के बाद डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना खतरे में पड़ गई है. अमेरिका ने इजरायल को चेतावनी दी है कि ऐसे कदम से वह उसका समर्थन खो देगा और पूरा समझौता विफल हो सकता है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बहुप्रचारित गाजा शांति योजना अब विफलता के कगार पर है. स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अमेरिका का सबसे करीबी सहयोगी इजरायल भी इस समझौते की शर्तों से पीछे हटता दिख रहा है. रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली संसद (नेसेट) में वेस्ट बैंक पर कब्जा करने और वहां इजरायली कानून लागू करने के लिए गुप्त तैयारी चल रही है, जिससे ट्रंप प्रशासन भड़क उठा है. अमेरिका को डर है कि अगर यह कदम उठा लिया गया तो पूरा शांति समझौता ध्वस्त हो जाएगा और ट्रंप का “मिडल ईस्ट पीसमेकर” बनने का सपना टूट जाएगा.

इजरायल को सख्त चेतावनी

ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने इजरायल को सख्त चेतावनी दी है कि यदि उसने वेस्ट बैंक विलय की दिशा में कोई कदम बढ़ाया, तो वह अमेरिका का समर्थन खो देगा. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इजरायल रवाना होने से पहले बयान दिया कि अगर इजरायल ने वेस्ट बैंक पर कब्जे की कोशिश की, तो गाजा में शांति योजना पूरी तरह खतरे में पड़ जाएगी. हम इस तरह की किसी कार्रवाई का समर्थन नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अरब देशों को भरोसा दिलाया गया था कि इजरायल किसी नए कब्जे की दिशा में कदम नहीं उठाएगा.

रुबियो से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि वेस्ट बैंक पर कब्जे की किसी भी कोशिश को अमेरिका बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि अरब देशों से किए गए वादों को तोड़ना अमेरिका के लिए “कूटनीतिक आत्मघात” साबित हो सकता है.

उधर, इजरायली संसद ने दो विधेयकों को मंजूरी दी है जो वेस्ट बैंक में बनी अवैध बस्तियों को वैध ठहराने और वहां इजरायली संप्रभुता लागू करने का मार्ग प्रशस्त करते हैं. इस कदम से ट्रंप प्रशासन की नाराजगी और बढ़ गई है.

जेडी वेंस ने की कड़ी आलोचना

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि “वेस्ट बैंक पर कब्जा करने का कदम शांति प्रक्रिया का अपमान है.” तेल अवीव से रवाना होने से पहले उन्होंने इसे “राजनीतिक स्टंट” बताते हुए कहा कि यह “बेहद मूर्खतापूर्ण और नुकसानदेह” कदम है.

कुल मिलाकर, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ती इस खटास ने गाजा शांति योजना की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अगर वेस्ट बैंक पर कब्जे की यह नीति आगे बढ़ती है, तो मध्य पूर्व में शांति की सारी कोशिशें धराशायी हो सकती हैं.

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