'सिर फटने जैसा दर्द, फेल हो गए रडार...', अमेरिका का 'मिस्ट्री वेपन' कैसे बना वेनेजुएला पर कब्जे का हथियार?

तीन जनवरी की वो सनसनीखेज रात, अमेरिका ने वेनेजुएला पर अचानक हमला बोल दिया. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सुरक्षा में तैनात लगभग 100 जांबाज सैनिक शहीद हो गए. सबसे हैरान करने वाली बात कि अमेरिकी कमांडो ने मादुरो और उनकी पत्नी को उठाकर अमेरिका ले उड़े.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: वेनेजुएला की जमीन पर हाल ही में अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन ने सनसनी मचा दी है. इस मिशन में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को किडनैप कर अमेरिका ले जाने का प्रयास किया गया. ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने एक अत्याधुनिक और रहस्यमय हथियार का इस्तेमाल किया, जिसने मादुरो की सुरक्षा में तैनात वेनेजुएला के सैनिकों को जमीन पर गिरा दिया और पूरी सुरक्षा टीम को पस्त कर दिया.

मीडिया रिपोर्ट में मादुरो की सुरक्षा में तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने इस ऑपरेशन के दौरान की आंखों देखी घटनाओं का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि कैसे कुछ मुट्ठीभर अमेरिकी सैनिकों ने सैकड़ों सैनिकों को काबू में किया और अत्याधुनिक हथियारों से उन्हें हराया.

ड्रोन और हेलिकॉप्टरों का रहस्य

सुरक्षाकर्मी ने कहा कि सैन्य ऑपरेशन के दिन सब कुछ सामान्य था. हम सुरक्षा में तैनात थे, लेकिन अचानक हमारे सभी रडार सिस्टम बंद पड़ गए. तभी हमें ऊपर बहुत सारे ड्रोन दिखाई दिए. इसके बाद लगभग आठ हेलिकॉप्टर नजर आए, जिनसे 20 के लगभग अमेरिकी सैनिक उतरे. उनके पास हाई-एडवांस हथियार थे और उन्होंने तेजी और सटीकता से फायरिंग की. हम कुछ नहीं कर पाए.

रहस्यमय सोनिक हथियार का इस्तेमाल

सुरक्षाकर्मी ने आगे बताया कि अचानक अमेरिकी सैनिकों ने कुछ लॉन्च किया. बहुत तेज आवाज हुई, ऐसा लगा जैसे मेरा सिर फट जाएगा. हमारे नाक से खून बहने लगा, कई सैनिक उल्टियां करने लगे और हम जमीन पर गिर गए. चंद सैनिकों ने हम सभी को बेदम कर दिया. उस तकनीक के सामने हम पूरी तरह असहाय थे. यह सोनिक हथियार या जो भी था, उससे हम खड़े भी नहीं रह पाए.

अमेरिका के शक्ति प्रदर्शन ने क्षेत्रीय स्थिति बदली

सुरक्षाकर्मी ने चेतावनी दी, 'मैं सभी को यह बताना चाहता हूं कि जो भी अमेरिका का सामना करने की सोच रहे हैं, उन्हें पता ही नहीं कि अमेरिका क्या कर सकता है. मैंने जो देखा, उसके बाद मैं किसी मुकाबले के लिए तैयार नहीं रहूंगा.'

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी इस सुरक्षा कर्मी के बयान को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया. इसके साथ ही ट्रंप की लिस्ट में मेक्सिको को अगला टारगेट बताया जा रहा है, जिससे लैटिन अमेरिका में राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है.

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