शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला: चंद्रकोना में गाड़ी पर बरसीं लाठियां, धरने पर बैठे नेता प्रतिपक्ष

शनिवार रात पश्चिम बंगाल में राजनीति तब गरमा गई जब विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला हुआ. इस घटना के बाद बीजेपी नेता दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

मेदिनीपुर: पश्चिम बंगाल की राजनीति शनिवार रात उस वक्त गर्मा गई जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना इलाके में हमला कर दिया गया. इस हमले के बाद भाजपा नेता सीधे पुलिस चौकी पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए.

घटना उस समय हुई जब शुभेंदु अधिकारी पुरुलिया में एक जनसभा को संबोधित कर नंदीग्राम लौट रहे थे. रास्ते में भाजपा कार्यकर्ता उन्हें रिसीव करने के लिए जुटे थे, तभी हालात अचानक बिगड़ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया.

कहां और कैसे हुआ हमला

शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक यह घटना रात करीब 8:20 से 8:30 बजे के बीच गरबेटा थाना क्षेत्र के चंद्रकोना रोड बाजार इलाके के पास हुई. जैसे ही उनका काफिला चौराहे पर पहुंचा, वहां मौजूद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के एक समूह ने कथित तौर पर रास्ता रोक दिया.

भाजपा का आरोप है कि इसी दौरान अधिकारी की गाड़ी पर बांस की लाठियों और डंडों से हमला किया गया. दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी भी हुई और यह टकराव करीब एक घंटे तक आम सड़क पर चलता रहा.

पुलिस पर निष्क्रिय रहने का आरोप

शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि लंबे समय तक चले इस हंगामे के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कोई प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "रात करीब 8:20 बजे, जब मैं पुरुलिया से लौट रहा था, चंद्रकोना रोड, पश्चिम मेदिनीपुर जिले में टीएमसी के गुंडों ने मुझ पर बेरहमी से हमला किया. ममता बनर्जी सरकार की हिंसा और दंडमुक्ति की संस्कृति से उत्साहित इन कायरों ने ममता पुलिस की मौजूदगी में मुझ पर हमला किया. कानून के रखवाले मूक दर्शक बनकर खड़े रहे."

पुलिस चौकी में जमीन पर बैठकर दिया धरना

हमले के बाद शुभेंदु अधिकारी चंद्रकोना रोड पुलिस चौकी पहुंच गए और वहीं जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया. उन्होंने साफ कहा कि जब तक हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वह पुलिस परिसर नहीं छोड़ेंगे.

पुलिस चौकी में एक वकील की मदद से उन्होंने लिखित शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इलाके में अतिरिक्त बल भेजा गया है और पूरे मामले की जांच की जाएगी ताकि घटना की सटीक जानकारी सामने आ सके.

भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

इस घटना को लेकर भाजपा की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने एक्स पर एक बयान जारी करते हुए कहा,"पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र का पूर्ण पतन अब बहस का विषय नहीं रहा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विफल और निरंकुश शासन में, उनकी पूरी तरह से पक्षपाती, अक्षम और रीढ़विहीन पुलिस प्रशासन की मदद से यह हर दिन खुलेआम प्रदर्शित हो रहा है."

उन्होंने आगे कहा कि नंदीग्राम के विधायक और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी एक बार फिर “हिंसक और सुनियोजित हमले” का शिकार हुए हैं.

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