अगर पुतिन जेलेंस्की को पकड़ लें तो क्या होगा? वेनेजुएला कार्रवाई पर भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद ने ट्रंप को घेरा
वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सत्ता परिवर्तन के लिए युद्ध को जायज़ माना गया, तो पुतिन या शी जिनपिंग जैसी ताकतों को रोकने का नैतिक आधार अमेरिका के पास कैसे बचेगा.

नई दिल्ली: वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिका की घरेलू राजनीति में तीखी बहस छिड़ गई है. भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने इस ऑपरेशन को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना करते हुए चेतावनी दी है कि सत्ता परिवर्तन के लिए युद्ध को सामान्य मानना दुनिया के लिए खतरनाक मिसाल बन सकता है.
खन्ना का कहना है कि अगर अमेरिका ऐसे अभियानों को जायज़ ठहराता है, तो फिर वह अन्य वैश्विक शक्तियों की इसी तरह की कार्रवाइयों पर सवाल कैसे उठाएगा. उनके मुताबिक, वेनेजुएला में हुई कार्रवाई से अमेरिका का नैतिक अधिकार कमजोर हुआ है और इसके दूरगामी अंतरराष्ट्रीय परिणाम हो सकते हैं.
अगर पुतिन या शी जिनपिंग ऐसा करें तो?
रो खन्ना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सवाल उठाते हुए लिखा, "अगर पुतिन यूक्रेन में ज़ेलेंस्की को पकड़ने की कोशिश करते हैं या शी जिनपिंग ताइवान के नेतृत्व के खिलाफ कार्रवाई करते हैं तो अब हम क्या कहेंगे?"
उन्होंने तर्क दिया कि वेनेजुएला ऑपरेशन अमेरिका की नैतिक स्थिति को कमजोर करता है और वैश्विक स्तर पर गलत संदेश देता है.
Donald Trump betrayed his MAGA base today launching a war of choice to bring regime change in Venezuela.
— Ro Khanna (@RoKhanna) January 3, 2026
We keep voting against dumb wars in Iraq, Afghanistan, & Libya.
But our Presidents bow to a foreign policy blob committed to militarism. They get us entangled in conflicts…
वेनेजुएला ऑपरेशन पर डेमोक्रेट्स में नाराज़गी
अमेरिकी सैन्य हमले के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी हुई. ट्रंप प्रशासन ने इस अभियान को जरूरी बताया, लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर इसकी वैधता और इसके दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर गहरा असंतोष देखने को मिला.
ट्रंप ने अपनी मर्जी से युद्ध छेड़ा
रो खन्ना ने ट्रंप पर सीधे हमला बोलते हुए कहा, "डोनाल्ड ट्रंप ने आज वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के लिए अपनी मर्जी से युद्ध छेड़कर अपने MAGA समर्थकों के साथ विश्वासघात किया है."
उन्होंने अमेरिका के पिछले सैन्य हस्तक्षेपों का जिक्र करते हुए कहा, "हम इराक, अफगानिस्तान और लीबिया में बेतुके युद्धों के खिलाफ मतदान करते रहते हैं. लेकिन हमारे राष्ट्रपति सैन्यवाद के प्रति समर्पित विदेश नीति के एक गुट के आगे झुक जाते हैं."
घरेलू मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
खन्ना ने कहा कि बार-बार की विदेशी सैन्य कार्रवाइयां अमेरिका को बाहरी संघर्षों में उलझा देती हैं. उन्होंने कहा, "ये हमें विदेशों में संघर्षों में उलझा देती हैं, जबकि घर पर अमेरिकियों के लिए अच्छी नौकरियों की कमी और उच्च लागत को नजरअंदाज करती हैं." उन्होंने रोजगार, स्वास्थ्य सेवा, बाल देखभाल और शिक्षा में अधिक निवेश की जरूरत पर जोर दिया.
अन्य डेमोक्रेट नेताओं का भी समर्थन
रो खन्ना की आलोचना को कई अन्य डेमोक्रेट सांसदों का समर्थन मिला. सांसद सेठ मौलटन ने कहा कि कांग्रेस ने बल प्रयोग को मंजूरी नहीं दी थी और वेनेजुएला से अमेरिका को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था. उन्होंने X पर लिखा, "यह एक लापरवाह, स्वैच्छिक सत्ता परिवर्तन है - इराक 2.0 - जिसके बाद की कोई योजना नहीं है."
'कांग्रेस को दरकिनार किया गया'
कांग्रेस सदस्य डेबी वासरमैन शुल्त्स ने मादुरो को हटाए जाने को “स्वागत योग्य खबर” बताया, लेकिन साथ ही प्रशासन द्वारा कांग्रेस को नजरअंदाज करने की आलोचना की. उन्होंने कहा कि इतने जोखिम भरे अभियान से पहले सांसदों से परामर्श किया जाना चाहिए था.
अवैध और बिना उकसावे के हमला
कांग्रेस सदस्य रशीदा तलैब ने इस कार्रवाई को "अवैध और बिना उकसावे के" करार देते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और अमेरिकी संविधान का उल्लंघन है. उन्होंने लिखा, "अमेरिकी जनता विदेशों में सत्ता परिवर्तन के लिए एक और युद्ध नहीं चाहती."
रक्षा मंत्रियों पर भी गंभीर आरोप
सीनेटर एंडी किम ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर कांग्रेस को गुमराह करने का आरोप लगाया. किम ने कहा, "उन्होंने कांग्रेस से साफ झूठ बोला," और दावा किया कि प्रशासन ने जनता के सीमित समर्थन के कारण अनुमोदन लेने से परहेज किया.
स्पष्ट रूप से अवैध कार्रवाई
रक्षा मामलों की प्रतिनिधि सभा की विनियोग उपसमिति में शीर्ष डेमोक्रेट सांसद बेट्टी मैकॉलम ने इन हमलों को "स्पष्ट रूप से अवैध" बताया. उन्होंने सदन के अध्यक्ष माइक जॉनसन से संसद को तुरंत बुलाने की मांग की ताकि, उनके शब्दों में, "बेकाबू राष्ट्रपति" पर नियंत्रण लगाया जा सके.


