चीन के लिए वेनेजुएला क्यों है जरूरी? बीजिंग ने मादुरो की तुरंत रिहाई का उठाया मुद्दा

अमेरिका–वेनेजुएला तनाव पर चीन ने कड़ा विरोध जताते हुए निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की तत्काल रिहाई की मांग की है. चीन ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए संवाद और कूटनीति से समाधान पर जोर दिया है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव के बीच चीन ने एक बार फिर वाशिंगटन के रुख पर कड़ा ऐतराज जताया है. रविवार को चीन ने अमेरिका से अपदस्थ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को तत्काल रिहा करने की मांग की. इसके साथ ही बीजिंग ने स्पष्ट कहा कि किसी भी विवाद या राजनीतिक संकट का समाधान बल प्रयोग से नहीं, बल्कि संवाद और बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए.

जबरन हिरासत पर चीन की चिंता

चीनी विदेश मंत्रालय ने जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अमेरिका द्वारा मादुरो और उनकी पत्नी को कथित रूप से जबरन हिरासत में लेकर देश से बाहर ले जाना बेहद चिंताजनक है. मंत्रालय ने इसे न केवल वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला बताया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी सिद्धांतों का भी उल्लंघन करार दिया. चीन का कहना है कि किसी संप्रभु देश के राष्ट्रपति के साथ इस तरह का व्यवहार वैश्विक व्यवस्था के लिए खतरनाक मिसाल बन सकता है.

अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन का आरोप

चीन ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह के कदम संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के खिलाफ हैं. विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि अमेरिका को तुरंत मादुरो और उनकी पत्नी की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, उन्हें बिना शर्त रिहा करना चाहिए और वेनेजुएला की सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें बंद करनी चाहिए. चीन ने दो टूक कहा कि किसी भी देश की राजनीतिक व्यवस्था बदलने के लिए दबाव, प्रतिबंध या सैन्य कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है.

अमेरिकी हवाई हमलों की भी निंदा

इससे एक दिन पहले शनिवार को भी चीन ने वेनेजुएला पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों की तीखी आलोचना की थी. चीन ने इन कार्रवाइयों को “वर्चस्ववादी रवैया” बताते हुए कहा था कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी और सैन्य कार्रवाई की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन ने कहा कि वह एक संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ खुलेआम बल प्रयोग से स्तब्ध है.

लैटिन अमेरिका की शांति पर खतरा

चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका की ये कार्रवाइयां केवल वेनेजुएला तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही हैं. बयान में कहा गया कि इस तरह का हस्तक्षेप क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा दे सकता है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है.

चीन के लिए क्यों अहम है मादुरो सरकार

मादुरो की गिरफ्तारी और उनकी सरकार का पतन चीन के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है. पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज के कार्यकाल से ही चीन और वेनेजुएला के बीच गहरे राजनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा संबंध रहे हैं. तेल, बुनियादी ढांचे और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों ने मिलकर कई अहम परियोजनाएं चलाई हैं. ऐसे में बीजिंग मादुरो सरकार के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई को अपने हितों के लिए भी नुकसानदेह मान रहा है.

संवाद से समाधान की अपील

चीन ने अंत में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वह वेनेजुएला संकट को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के प्रयासों का समर्थन करे. बीजिंग का मानना है कि टकराव और सैन्य हस्तक्षेप की जगह संवाद और कूटनीति ही स्थायी समाधान का रास्ता है. चीन ने अमेरिका से आग्रह किया कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों का सम्मान करे और अन्य देशों की संप्रभुता में दखल देना बंद करे.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag