दक्षिणी लेबनान में ‘सिक्योरिटी जोन’ बनाएगा इजरायल? हिजबुल्लाह के खिलाफ नेतन्याहू का एक्शन
इजरायल दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा क्षेत्र बनाने और बड़े इलाके पर कब्जा करने की योजना बना रहा है. हिजबुल्लाह के खिलाफ जारी हमलों के बीच लाखों विस्थापित लोगों की वापसी पर फिलहाल रोक लगाई गई है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव अब एक और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है. ईरान के साथ टकराव के बीच इजरायल ने अपने पड़ोसी देश लेबनान को लेकर नई रणनीति बनाई है. ताजा संकेत बताते हैं कि इजरायल सिर्फ जवाबी हमलों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि जमीन पर स्थायी नियंत्रण की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने साफ किया है कि सेना दक्षिणी लेबनान के एक बड़े हिस्से पर कब्जा करने की योजना बना रही है.
इस इलाके में एक “सिक्योरिटी जोन” बनाया जाएगा, जिससे इजरायल अपनी सीमा को सुरक्षित रखना चाहता है. इस योजना के तहत इजरायल अपनी सीमा से लेकर लितानी नदी तक के क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लेना चाहता है. यह दूरी करीब 30 किलोमीटर है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कब्जे का दायरा कितना बड़ा हो सकता है.
विस्थापित लोगों की वापसी पर रोक
इस योजना का सबसे विवादित पहलू यह है कि इजरायल ने साफ कर दिया है कि इस क्षेत्र से भागे करीब 6 लाख लोगों को फिलहाल वापस आने की अनुमति नहीं दी जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक इन लोगों की वापसी संभव नहीं होगी. इसके अलावा, सीमा के पास स्थित कई घरों को भी गिराने की बात सामने आई है, ताकि सुरक्षा खतरे को कम किया जा सके.
हिजबुल्लाह के खिलाफ तेज हुआ अभियान
हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल पहले से ही सक्रिय है. यह संगठन ईरान समर्थित माना जाता है और लेबनान में इसका मजबूत प्रभाव है. हाल के दिनों में इजरायल ने बेरूत समेत दक्षिणी लेबनान के कई हिस्सों पर लगातार हमले किए हैं. इन हमलों में अब तक 1200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं.
इस पूरे संघर्ष की शुरुआत तब तेज हुई, जब अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमले शुरू किए. इसके जवाब में इजरायल ने बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई की और लेबनान को निशाना बनाया. इजरायल का मानना है कि हिजबुल्लाह, हमास और हूती जैसे संगठन उसके लिए गंभीर खतरा हैं, क्योंकि इन्हें ईरान का समर्थन प्राप्त है.
दोनों पक्षों को भारी नुकसान
इस संघर्ष में दोनों तरफ नुकसान हुआ है. हिजबुल्लाह का दावा है कि उसने इजरायल के कई ठिकानों को निशाना बनाया है. वहीं, इजरायल के अनुसार उस पर हजारों रॉकेट, ड्रोन और मोर्टार से हमले किए गए हैं. इन हमलों में इजरायल के कुछ सैनिक भी मारे गए हैं, जिससे तनाव और बढ़ गया है.


