जया एकादशी पर इन 7 मंत्रों का करें जाप, विष्णुजी की कृपा से पूरी होंगी सभी मनोकामनाएं

Jaya Ekadashi 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, 8 फरवरी 2025 को जया एकादशी का व्रत रखा जाएगा. मान्यता है कि इस दिन श्रीहरि विष्णु की पूजा और व्रत करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. खासतौर पर इस दिन विशेष मंत्रों के जाप से सुख-समृद्धि और विष्णुजी की कृपा प्राप्त होती है.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Jaya Ekadashi 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, 8 फरवरी 2025 को जया एकादशी का शुभ व्रत रखा जाएगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रीहरि विष्णुजी की पूजा करने और व्रत रखने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. साथ ही, यह दिन दान-पुण्य और सेवा कार्यों के लिए भी उत्तम माना गया है. कहा जाता है कि जरूरतमंदों की सहायता करने से विष्णुजी प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी विशेष कृपा बरसाते हैं.

जया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की उपासना के साथ-साथ विशेष मंत्रों का जाप करने से सुख-समृद्धि, धन-वैभव और शांति प्राप्त होती है. इस बार जया एकादशी का व्रत भद्रा के साये में रखा जाएगा, ऐसे में धार्मिक अनुष्ठानों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी. आइए जानते हैं जया एकादशी का शुभ मुहूर्त, महत्व और विष्णुजी को प्रसन्न करने वाले प्रभावशाली मंत्र.

जया एकादशी 2025 का शुभ मुहूर्त

  • तिथि प्रारंभ: 7 फरवरी 2025, रात 9:26 बजे

  • तिथि समाप्त: 8 फरवरी 2025, रात 8:15 बजे

  • भद्राकाल: सुबह 08:48 एएम से रात 08:15 पीएम तक

हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार, भद्राकाल के दौरान शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है. इसलिए भक्तों को इस दौरान पूजा-पाठ में सतर्कता बरतनी चाहिए और विशेष रूप से विष्णुजी की आराधना करनी चाहिए.

जया एकादशी व्रत का महत्व

  1. इस दिन विष्णुजी की पूजा और उपवास करने से सभी पापों का नाश होता है.

  2. जया एकादशी व्रत मोक्ष प्राप्ति के लिए श्रेष्ठ माना गया है.

  3. इस दिन दान-पुण्य और सेवा कार्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

  4. श्रीहरि विष्णु की आराधना करने से धन, ऐश्वर्य और खुशहाली की प्राप्ति होती है.

विष्णुजी को प्रसन्न करने के लिए विशेष मंत्र

जया एकादशी के दिन इन 7 मंत्रों का जाप करने से भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है और भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं.

  1. ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय.

  2. श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारे, हे नाथ नारायण वासुदेवाय.

  3. ऊँ विष्णवे नमः.

  4. ऊँ नमो नारायण. श्री मन नारायण नारायण हरि हरि.

  5. ऊँ नमो नारायणाय नमः.

  6. ऊँ ऐं श्रीं बृहस्पतये नमः.

  7. ऊँ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर. भूरि घेदिन्द्र दित्ससि.

कैसे करें जया एकादशी की पूजा?

प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु का स्मरण करें.

  • पीले रंग के पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें.

  • उपवास रखें और दिनभर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें.

  • जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और धन का दान करें.

  • रात्रि में जागरण कर विष्णुजी की आरती और भजन करें.

Disclaimer: ये आर्टिकल धार्मिक मान्यताओं और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. JBT इसकी पुष्टि नहीं करता.

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