16 दिसंबर से लग रहा खरमास: एक महीने तक ठप रहेंगे विवाह और मांगलिक कार्य, जानें कब फिर बजेंगी शहनाइयां
आपने सुना होगा खरमास को, जिसे मलमास या मलिन मास भी कहते हैं. ये वो खास समय होता है जब सूर्य देव धनु राशि में गोचर करते हैं. ज्योतिष शास्त्र में इसे थोड़ा अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लग जाता है. क्यों? क्योंकि सूर्य की ये यात्रा गुरु की राशि में होने से उनकी शक्ति थोड़ी कम हो जाती है, और शुभ कार्यों के लिए पूरे जोश की जरूरत होती है!

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में विवाह और अन्य मांगलिक कार्य हमेशा शुभ मुहूर्त में ही किए जाते हैं. मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों पर देवताओं की कृपा रहती है और ग्रहों के अनुकूल प्रभाव से काम सफल होते हैं. हालांकि, खरमास के दौरान सभी मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं और इसी वजह से विवाहों का आयोजन अस्थायी रूप से रुका रहता है.
इस साल खरमास 16 दिसंबर 2025 से शुरू हो रहा है, इसलिए इस अवधि में विवाह और अन्य मांगलिक काम नहीं होंगे. साथ ही, शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण 11 दिसंबर 2025 से विवाहों पर पहले ही रोक लग गई थी. आइए जानें कि अगला शुभ विवाह मुहूर्त कब से शुरू होगा.
खरमास और विवाह पर रोक
खरमास, जिसे मलमास भी कहा जाता है, तब आता है जब भगवान सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं. इस समय हिंदू धर्म में किसी भी शुभ या मांगलिक काम को नहीं किया जाता. इस साल 16 दिसंबर 2025 से खरमास प्रारंभ हो रहा है.
शुक्र ग्रह के अस्त का प्रभाव
शुक्र ग्रह को प्रेम, दांपत्य सुख और विवाह का कारक ग्रह माना जाता है. 11 दिसंबर 2025 को शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण विवाहों के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं हैं. इस वजह से दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के दौरान विवाहों का आयोजन नहीं होगा.
2026 में विवाह का शुभ मुहूर्त
खरमास 15 जनवरी 2026 को समाप्त होगा. हालांकि, फरवरी 2026 तक विवाह का मौसम शुरू नहीं होगा, क्योंकि शुक्र ग्रह 53 दिनों तक अस्त रहेंगे. शुक्र के उदय होने के बाद ही विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी. इस बार फरवरी 2026 से ही विवाहों का सीजन शुरू होगा.
फरवरी 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त
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फरवरी 2026 में कुल 12 शुभ मुहूर्त विवाह के लिए उपलब्ध होंगे. ये मुहूर्त निम्नलिखित तिथियों पर हैं:
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05, 06, 08, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी 2026
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इन तिथियों पर विवाह करने से सभी मांगलिक कार्य सफल माने जाते हैं और नवविवाहित जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
Disclaimer: ये धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता.


