रमजान 2026: दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद समेत प्रमुख शहरों में इफ्तार का सही समय, यहां देखें डिटेल्स
रमजान की शुरुआत की खुशखबरी चांद देखकर ही मिलती है.जब आसमान में पतली-सी चांदनी वाली चांद नजर आ जाता है, तो रमजान का चांद माना जाता है. खाड़ी देशों (सऊदी अरब, UAE, कतर आदि) और पश्चिमी इलाकों में यह चांद आमतौर पर पहले दिख जाता है, क्योंकि वहां सूरज जल्दी ढलता है.

नई दिल्ली: रमजान का पवित्र महीना भारत में शुरू हो चुका है, जो 19 फरवरी से आरंभ हुआ. यह महीना मुसलमानों के लिए रोजा, इबादत, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक नवीनीकरण का समय है. चंद्रमा की पहली झलक के आधार पर रमजान की शुरुआत होती है, जो आमतौर पर खाड़ी देशों में पहले दिखाई देती है और भारत तथा पड़ोसी देशों में एक दिन बाद शुरू होती है.
रमजान के दौरान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखा जाता है. इस दौरान दो मुख्य भोजन होते हैं - सेहरी और इफ्तार. देश के विभिन्न शहरों में दिन की लंबाई अलग-अलग होने से इनके समय में भी अंतर रहता है. 1 मार्च को देशभर के प्रमुख शहरों में सेहरी और इफ्तार के समय अलग-अलग हैं, जो मुसलमानों को अपनी इबादत की तैयारी में मदद करते हैं.
सेहरी और इफ्तार क्या हैं?
रमजान में मुसलमान फज्र की अजान से पहले सेहरी का सेवन करते हैं, जो रोजे की शुरुआत का संकेत होता है. यह प्री-डॉन मील है, जो शरीर को पूरे दिन के लिए ऊर्जा प्रदान करता है. इफ्तार सूर्यास्त के समयनमाज के बाद लिया जाता है, जो रोजा तोड़ने का मुख्य भोजन है. इसमें आमतौर पर खजूर, पानी और पारंपरिक व्यंजन शामिल होते हैं.
प्रमुख शहरों में सेहरी और इफ्तार के समय
यहां 1 मार्च के लिए विभिन्न शहरों के सेहरी और इफ्तार के समय दिए गए हैं-
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नई दिल्ली:- सेहरी - 5:27 पूर्वाह्न, इफ्तार - 6:22 शाम
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हैदराबाद:- सेहरी - 5:21 पूर्वाह्न, इफ्तार - 6:24 शाम
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मुंबई: - सेहरी - 5:38 पूर्वाह्न, इफ्तार - 6:44 शाम
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बेंगलुरु:- सेहरी - 5:24 पूर्वाह्न, इफ्तार - 6:30 शाम
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लखनऊ:- सेहरी - 5:12 पूर्वाह्न, इफ्तार - 6:08 शाम
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चेन्नई:- सेहरी - 05:13 पूर्वाह्न, इफ्तार - 6:18 शाम
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कोलकाता:- सेहरी - 04:43 पूर्वाह्न, इफ्तार - 5:41 शाम
भारत में रमजान कैसे मनाया जाता है?
भारत में रमजान का माहौल उत्साह से भरा होता है. शाम के बाजारों में चहल-पहल रहती है, जहां लोग इफ्तार के लिए खरीदारी करते हैं. कबाब, बिरयानी, खजूर और अन्य पारंपरिक व्यंजन बड़े पैमाने पर बनाए जाते हैं. मस्जिदों में तरावीह की नमाज होती है और दान-पुण्य तथा गरीबों में भोजन वितरण विशेष महत्व रखता है.
सऊदी अरब में रमजान की विशेषताएं
सऊदी अरब में, जहां इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल मक्का और मदीना स्थित हैं, रमजान में आध्यात्मिक उत्साह चरम पर होता है. लाखों श्रद्धालु मस्जिद अल-हरम और मस्जिद-ए-नबवी में इबादत के लिए जुटते हैं. परिवार इफ्तार और सेहरी साथ मनाते हैं और काम के घंटे कम कर दिए जाते हैं.
विश्व भर में रमजान की परंपराएं
मध्य पूर्व के शहरों जैसे दुबई में रमजान नाइट मार्केट और थीम्ड टेंट्स लगते हैं, जहां लोग सेहरी और इफ्तार के लिए इकट्ठा होते हैं. तुर्की में पारंपरिक ढोल की थाप से लोगों को सेहरी के लिए जगाया जाता है और सामूहिक इफ्तार आयोजित होते हैं.
इंडोनेशिया में रमजान बाजार और बड़ी मस्जिदों में देर रात तक नमाज प्रमुख हैं. पश्चिमी देशों में अंतरधार्मिक इफ्तार आयोजन होते हैं, जो समुदायों के बीच एकता बढ़ाते हैं और उपवास के साथ काम-व्यवसाय को संतुलित करने में मदद करते हैं.


