बांग्लादेश के बाद पाकिस्तान भी टी20 वर्ल्ड कप से बाहर? मोहसिन नकवी के बयान ने ICC की उड़ाई नींद

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले नया विवाद खड़ा हो गया है। बांग्लादेश के बाहर होने के बाद अब पाकिस्तान की भागीदारी भी अधर में लटकती दिख रही है।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले हालात तेजी से बदल रहे हैं। पहले बांग्लादेश टूर्नामेंट से बाहर हुआ। अब पाकिस्तान की स्थिति भी साफ नहीं है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन ने बयान देकर हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि फैसला उनके हाथ में नहीं है। सरकार तय करेगी कि टीम खेलेगी या नहीं। यह बयान साधारण नहीं माना जा रहा। इससे आईसीसी की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

PCB चीफ ने क्या साफ कहा?

मोहसिन नकवी ने दो टूक शब्दों में कहा कि पाकिस्तान की टीम तभी खेलेगी जब सरकार हरी झंडी देगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के लौटने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही अंतिम फैसला होगा। नकवी ने यह भी कहा कि अगर सरकार बहिष्कार का आदेश देती है, तो बोर्ड उसे मानेगा। इस बयान ने क्रिकेट को राजनीति के बीच खड़ा कर दिया है।

बांग्लादेश बाहर कैसे हुआ?

बांग्लादेश पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों से भारत में खेलने से इनकार किया था। उन्होंने आईसीसी से मांग की थी कि उनके मैच भारत के बाहर कराए जाएं। लेकिन 21 जनवरी की आईसीसी बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव खारिज हो गया। इसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश को बाहर कर दिया। यह फैसला कई देशों को चौंकाने वाला था।

पाकिस्तान क्यों कर रहा बांग्लादेश का समर्थन?

मोहसिन नकवी ने बांग्लादेश के बाहर होने को अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि एक देश के लिए एक नियम और दूसरे के लिए दूसरा नियम नहीं हो सकता। उनका कहना था कि बांग्लादेश आईसीसी का अहम सदस्य है। उसे इस तरह बाहर करना गलत संदेश देता है। पाकिस्तान का यह रुख सीधे आईसीसी की नीतियों पर सवाल उठाता है। इससे विवाद और गहराने की आशंका है।

स्कॉटलैंड की एंट्री से क्या बदला?

बांग्लादेश की जगह आईसीसी ने Scotland को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया है। स्कॉटलैंड को उसी ग्रुप में रखा गया है, जहां पहले बांग्लादेश था। यह फैसला तेजी से लिया गया। लेकिन अब अगर पाकिस्तान भी बाहर होता है, तो आईसीसी को एक और टीम ढूंढनी पड़ेगी। इससे पूरे शेड्यूल पर असर पड़ सकता है।

ICC के सामने कितनी बड़ी चुनौती?

टी20 वर्ल्ड कप भारत और श्रीलंका की मेजबानी में होना है। ऐसे में दो देशों का बाहर होना टूर्नामेंट की साख पर सवाल खड़े करता है। आईसीसी के लिए यह सिर्फ टीम बदलने का मामला नहीं है। यह भरोसे और स्थिरता का मुद्दा है। लगातार विवाद से टूर्नामेंट की छवि प्रभावित हो रही है। क्रिकेट से ज्यादा राजनीति हावी होती दिख रही है।

अब आगे क्या तस्वीर बनती है?

अगर पाकिस्तान सरकार ने बहिष्कार का फैसला लिया, तो आईसीसी के सामने नई मुश्किल खड़ी होगी। टूर्नामेंट से एक और बड़ी टीम बाहर हो सकती है। इससे विश्व कप का संतुलन बिगड़ सकता है। आने वाले दिनों में सरकार का फैसला अहम होगा। फिलहाल इतना तय है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 मैदान से ज्यादा बोर्डरूम की सुर्खियों में है।

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