ऑस्ट्रेलिया ने एशेज पर 4-1 से जमाया कब्जा, सिडनी में इंग्लैंड को मिली करारी हार
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खील गए 2025-26 एशेज सीरीज का समापन हो गया है.सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए पांचवें और आखिरी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को हराकर सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली.

Ashes 2025-26: ऑस्ट्रेलिया ने 2025-26 एशेज सीरीज को शानदार अंदाज में खत्म कर दिया है. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए पांचवें और आखिरी टेस्ट में कंगारू टीम ने इंग्लैंड को 5 विकेट से हराकर सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली. हालांकि लक्ष्य का पीछा करते समय कुछ घबराहट दिखी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने घरेलू सरजमीं पर अपना दबदबा बरकरार रखा. यह जीत ऑस्ट्रेलियाई टीम की मजबूती और इंग्लैंड की कमजोरियों को उजागर करती है.
सिडनी टेस्ट का रोमांचक समापन
पांचवें टेस्ट के आखिरी दिन ऑस्ट्रेलिया को 160 रनों का लक्ष्य मिला था. शुरुआत अच्छी रही, लेकिन बीच में कुछ विकेट गिरने से मैच रोमांचक हो गया. आखिरकार, टीम ने 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया.
इस जीत से ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर मजबूत पकड़ बनाई और एशेज ट्रॉफी अपने पास रखी. इंग्लैंड ने चौथे टेस्ट में जीत हासिल की थी, लेकिन कुल मिलाकर वे कंगारू गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते रहे.
सीरीज के सभी मैचों का नतीजा
एशेज 2025-26 में कुल पांच टेस्ट खेले गए. परिणाम इस प्रकार रहे:
- पहला टेस्ट (पर्थ): ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से जीत दर्ज की.
- दूसरा टेस्ट (ब्रिस्बेन): ऑस्ट्रेलिया ने फिर 8 विकेट से जीता.
- तीसरा टेस्ट (एडिलेड): ऑस्ट्रेलिया ने 82 रनों से बाजी मारी.
- चौथा टेस्ट (मेलबर्न): इंग्लैंड ने 4 विकेट से जीत हासिल की.
- पांचवां टेस्ट (सिडनी): ऑस्ट्रेलिया ने 5 विकेट से मैच और सीरीज जीती.
ऑस्ट्रेलिया ने पहले तीन मैच जीतकर सीरीज पर कब्जा कर लिया था, लेकिन इंग्लैंड ने मेलबर्न में शानदार वापसी की. फिर भी, सिडनी में कंगारू टीम ने कोई गलती नहीं की.
सीरीज के स्टार खिलाड़ी
प्लेयर ऑफ द सीरीज ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क बने. स्टार्क ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और 31 विकेट लिए. उनकी स्विंग और स्पीड ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को खूब परेशान किया. वहीं, सिडनी टेस्ट का प्लेयर ऑफ द मैच ट्रेविस हेड को चुना गया.
हेड ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से 166 गेंदों पर 163 रन बनाए, जिसमें 24 चौके और एक छक्का शामिल था. उनकी पारी ने ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में पहुंचाया.


