BCB की अपील, PCB का प्लान! बहिष्कार की अटकलों के बीच पाकिस्तान का यू-टर्न, नकवी का दोहरा रवैया आया सामने

कोलंबो में होने वाला भारत-पाक टी20 विश्व कप मुकाबला बहिष्कार की आशंका के बीच विवादों में घिर गया था. बांग्लादेश और श्रीलंका के अनुरोध के बाद पाकिस्तान ने खेलने का फैसला किया, जिससे बड़ा संकट टल गया.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला क्रिकेट मुकाबला सिर्फ खेल नहीं, बल्कि करोड़ों प्रशंसकों की भावनाओं से जुड़ा होता है. 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले टी20 विश्व कप मैच पर जब अनिश्चितता के बादल छाए, तो पूरे क्रिकेट जगत में हलचल मच गई. कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि यह हाई-वोल्टेज मुकाबला रद्द भी हो सकता है. लेकिन घटनाक्रम ने अचानक मोड़ लिया और आखिरकार पाकिस्तान ने मैच खेलने का फैसला कर लिया.

पिछले सप्ताह पाकिस्तान सरकार के निर्देशों के बाद टीम के भारत के खिलाफ मैदान में उतरने पर सवाल खड़े हो गए थे. इससे मैच पर संकट गहरा गया. पाकिस्तान की ओर से शुरुआती संकेत मिले कि वह मुकाबले से पीछे हट सकता है. यह खबर सामने आते ही आईसीसी और अन्य देशों के क्रिकेट बोर्डों में चिंता बढ़ गई. हालांकि बाद में पाकिस्तान ने बयान जारी कर कहा कि वह वैश्विक क्रिकेट व्यवस्था और खेल भावना को ध्यान में रखते हुए मैच खेलने के लिए तैयार है. लेकिन अंदरूनी सूत्रों की मानें तो कहानी इससे कहीं ज्यादा जटिल थी.

BCB के बयान के पीछे नकवी

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने सार्वजनिक रूप से बताया कि उन्होंने पाकिस्तान से इस महत्वपूर्ण मैच को खेलने की अपील की थी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान हुई बातचीत के बाद उन्होंने पूरे क्रिकेट जगत के हित में पाकिस्तान से 15 फरवरी को भारत के खिलाफ खेलने का अनुरोध किया.

हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने ही बीसीबी अध्यक्ष से औपचारिक अपील करने को कहा था. सूत्रों का दावा है कि यह कदम पाकिस्तान के लिए एक सम्मानजनक रास्ता निकालने की रणनीति का हिस्सा था, ताकि वह सीधे यू-टर्न लेते हुए नजर न आए.

श्रीलंका ने भी की थी अपील 

इस मैच का आयोजन श्रीलंका में हो रहा है, इसलिए वहां के लिए यह मुकाबला आर्थिक और प्रतिष्ठा दोनों ही दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण था. अगर पाकिस्तान बहिष्कार करता, तो श्रीलंका को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता था. यही कारण था कि श्रीलंका ने भी पाकिस्तान से मैच खेलने की अपील की.

पाकिस्तान के सहमत होने के बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को धन्यवाद दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत-पाक मुकाबला तय कार्यक्रम के अनुसार होना पूरे क्रिकेट जगत के लिए खुशी की बात है. उन्होंने 1996 विश्व कप का भी जिक्र किया, जब कठिन हालात के बावजूद भारत और पाकिस्तान ने कोलंबो में मैच खेलकर खेल भावना का परिचय दिया था.

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