T20 World Cup में नेपाल ने 12 साल बाद चखा जीत का स्वाद, स्कॉटलैंड को 7 विकेट से हराया

नेपाल ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में स्कॉटलैंड को 7 विकेट से हराकर 12 साल बाद अपनी पहली जीत दर्ज की. दीपेंद्र सिंह ऐरी और सोमपाल कामी इस ऐतिहासिक जीत के नायक रहे जिससे प्रशंसक झूम उठे.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

 स्पोर्ट्स : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने अंतिम मुकाबले में नेपाल क्रिकेट टीम ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है. जिसकी गूंज बरसों तक क्रिकेट जगत में सुनाई देगी. टूर्नामेंट की शुरुआत इंग्लैंड के खिलाफ मिली एक बेहद करीबी और दिल तोड़ने वाली हार के साथ हुई थी. लेकिन टीम ने हार नहीं मानी. आखिरकार. स्कॉटलैंड के खिलाफ 7 विकेट की शानदार जीत के साथ नेपाल ने 12 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया. इस जीत ने नेपाली प्रशंसकों के चेहरे पर फिर से मुस्कान बिखेर दी है.

स्कॉटलैंड की विस्फोटक शुरुआत

मैच की शुरुआत में स्कॉटलैंड ने काफी शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया. उनके सलामी बल्लेबाज माइकल जोंस ने नेपाली गेंदबाजों की जमकर खबर ली. उन्होंने मात्र 45 गेंदों में 71 रनों की आक्रामक पारी खेली. जिसमें 8 चौके और 3 छक्के शामिल थे. एक समय ऐसा लग रहा था कि स्कॉटलैंड आसानी से 200 रनों का आंकड़ा पार कर लेगा. जोंस की तूफानी बल्लेबाजी ने नेपाली खेमे में चिंता बढ़ा दी थी और स्कॉटिश प्रशंसक उस वक्त मैदान पर काफी उत्साहित नजर आ रहे थे.

सोमपाल कामी की दमदार वापसी

जब स्कॉटलैंड की टीम एक विशाल स्कोर की ओर बढ़ रही थी. तभी अनुभवी तेज गेंदबाज सोमपाल कामी ने पूरा पासा ही पलट दिया. 16वें ओवर में खतरनाक दिख रहे जोंस का विकेट गिरते ही स्कॉटिश पारी पूरी तरह लड़खड़ा गई. कामी की सटीक गेंदबाजी के सामने विपक्षी बल्लेबाज असहाय नजर आए. नेपाल ने बेहतरीन डेथ ओवर गेंदबाजी का नमूना पेश करते हुए स्कॉटलैंड को 20 ओवरों में मात्र 170 रनों पर ही रोक दिया. यह शानदार वापसी मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई.

सलामी जोड़ी का आक्रामक अंदाज

171 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नेपाल की शुरुआत भी बेहद तूफानी रही. कुशल भुर्तेल और आसिफ शेख की सलामी जोड़ी ने पहले 5 ओवरों में ही स्कोर को 50 रनों तक पहुंचा दिया. भुर्तेल ने एक ही ओवर में तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर स्कॉटिश गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया. हालांकि. पावरप्ले के बाद स्पिनर माइकल लीस्क ने नेपाल को झटके दिए और देखते ही देखते 13 ओवर में नेपाल के 3 विकेट मात्र 98 रनों के योग पर गिर गए थे.

दीपेंद्र सिंह ऐरी का तूफान

मुश्किल समय में क्रीज पर आए दीपेंद्र सिंह ऐरी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पूरे मैच का रुख बदल दिया. वही ऐरी. जिन्होंने पूर्व में एशियन गेम्स में मात्र 9 गेंदों में अर्धशतक जमाया था. आज फिर स्कॉटलैंड पर भारी पड़े. उन्होंने लीस्क के एक ही ओवर में दो छक्के जमाकर दबाव कम किया. ऐरी ने मात्र 23 गेंदों में अपना विस्फोटक अर्धशतक पूरा किया. उनकी इस पारी ने नेपाल को जीत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया. जिससे स्कॉटलैंड की हार निश्चित हो गई.

अंतिम ओवरों में गुलशन झा ने जिम्मेदारी संभाली

अंतिम ओवरों में गुलशन झा ने जिम्मेदारी संभाली. 19वें ओवर में एक छक्का और 20वें ओवर की दूसरी गेंद पर चौका लगाकर उन्होंने टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई. इस जीत के साथ ग्रुप C की सभी टीमों ने कम से कम एक जीत के साथ टूर्नामेंट का अंत किया. इस खास लम्हे पर स्टेडियम में सिख. बौद्ध और जैन समाज के साथ ही रामकृष्ण मिशन और इस्कॉन जैसे विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई. नेपाल के लिए यह 12 साल बाद सबसे बड़ी उपलब्धि है.

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