बॉलीवुड के इस दिग्गज एक्टर पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता का हुआ निधन, लंबे समय से थे बीमार
बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उनके पिता सुनील मल्होत्रा अब इस दुनिया में नहीं रहे. उनका निधन 14 फरवरी को हो गया था. उन्होंने दिल्ली में अंतिम सांस ली. इस बात कि जानकारी मिलते ही सिद्धार्थ और उनकी पत्नी कियारा तुरंत दिल्ली पहुंच गए थे.

मुंबई : बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा इस समय अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं. उनके पिता, सुनील मल्होत्रा ने चार दिन पहले अंतिम सांस ली, जिससे पूरे मल्होत्रा परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है. खबर मिलते ही सिद्धार्थ अपनी पत्नी कियारा आडवाणी के साथ तुरंत दिल्ली पहुंचे. दुख की इस घड़ी में वे अपने परिवार को सहारा देने और पिता के अंतिम संस्कार की रस्मों को पूरा करने के लिए अपनी जन्मभूमि पर हैं.
सिद्धार्थ का अपने पिता से लगाव
आपको बता दें कि सिद्धार्थ मल्होत्रा और उनके पिता के बीच का रिश्ता बेहद गहरा और भावनात्मक था. सिद्धार्थ ने अक्सर सार्वजनिक मंचों पर अपने पिता के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को व्यक्त किया है. वे सुनील मल्होत्रा को अपना "पसंदीदा हीरो" मानते थे और उन्हें अपनी सफलता का सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत कहते थे. पिता के अचानक चले जाने से अभिनेता काफी टूट गए हैं और उन्होंने फिलहाल मीडिया और चकाचौंध से दूरी बना ली है और अकेले में शोक मना रहे हैं.
पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ अंतिम संस्कार
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, सुनील मल्होत्रा का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हो चुका है. सिद्धार्थ और कियारा इस कठिन समय में परिवार को अकेला नहीं छोड़ना चाहते, इसलिए वे कुछ और दिनों तक दिल्ली में ही रुकेंगे. हालांकि सिद्धार्थ एक बड़े स्टार हैं, लेकिन इस दुखद घड़ी में उन्होंने अपनी प्राइवेसी बनाए रखी है और वे सार्वजनिक नजरों से दूर रहकर अपने पिता की यादों के साथ समय बिता रहे हैं.
सुनील मल्होत्रा का गौरवशाली अतीत
सिद्धार्थ के पिता सुनील मल्होत्रा मर्चेंट नेवी में कैप्टन रह चुके थे. उनके अनुशासन और व्यक्तित्व का सिद्धार्थ की परवरिश और करियर के सफर पर गहरा प्रभाव पड़ा. उन्होंने न केवल सिद्धार्थ को बेहतर इंसान बनाया, बल्कि उनके संघर्ष के दिनों में भी एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाई. मर्चेंट नेवी के सादगी भरे जीवन ने सिद्धार्थ को सिखाया कि कामयाबी के शिखर पर पहुँचने के बाद भी अपने मूल्यों और जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहिए.
जमीन से जुड़े रहने की सीख
सिद्धार्थ अक्सर इस बात का जिक्र करते रहे हैं कि उनकी सफलता का श्रेय उनके माता-पिता को जाता है. बॉलीवुड में इतनी प्रसिद्धि मिलने के बावजूद सिद्धार्थ के पिता ने उन्हें हमेशा जमीन से जुड़े रहने की सीख दी. सुनील मल्होत्रा ने अपने बच्चों को सिखाया कि शोहरत के बीच भी इंसानियत को प्राथमिकता देनी चाहिए. यही कारण है कि सिद्धार्थ आज भी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे सरल अभिनेताओं में गिने जाते हैं और अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को देते हैं.
सिद्धार्थ के लिए एक अपूरणीय क्षति
पिता को खोना सिद्धार्थ के लिए एक अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है. इस व्यक्तिगत नुकसान के बाद उन्होंने खुद को सार्वजनिक चकाचौंध से पूरी तरह दूर कर लिया है. वे अपने पिता की यादों के साथ दिल्ली में शांति से समय बिता रहे हैं. पूरा फिल्म जगत और प्रशंसक इस मुश्किल समय में उनके और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं ताकि उन्हें इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति मिले.


