क्या नकवी के दबाव में झुका बांग्लादेश? पूर्व BCB महासचिव ने किया बड़ा खुलासा
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के पूर्व महासचिव ने भारत में होने वाले टी20 विश्व कप से हटने के फैसले को अनुभवहीनता बताया और मौजूदा अध्यक्ष पर पाकिस्तान से प्रभावित होने का आरोप लगाया. इस विवाद से टूर्नामेंट से पहले तनाव बढ़ गया है.

नई दिल्ली: टी20 विश्व कप शुरू होने से पहले ही दक्षिण एशियाई क्रिकेट में सियासी हलचल तेज हो गई है. बांग्लादेश के टूर्नामेंट से हटने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अब इस पूरे मामले पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के पूर्व महासचिव ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है और मौजूदा नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के पूर्व महासचिव सैयद अशरफुल हक ने मौजूदा अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम के फैसले को अनुभवहीनता का परिणाम बताया.
सैयद अशरफुल हक का कहना है कि भारत में होने वाले टी20 विश्व कप से नाम वापस लेने का निर्णय जल्दबाजी में लिया गया. हक के मुताबिक, अमीनुल इस्लाम संभवतः पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख और एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से प्रभावित हुए. उन्होंने आरोप लगाया कि नकवी ने बांग्लादेश को अपने रुख के साथ चलने के लिए राजी किया.
‘सुरक्षा की चिंता’ या राजनीतिक दबाव?
बांग्लादेश ने आधिकारिक तौर पर भारत जाने से इनकार करते हुए सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था. इस फैसले के चलते टीम को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा. इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने भी भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने की धमकी दी और कहा कि वह बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखा रहा है. इस घटनाक्रम ने क्रिकेट और राजनीति के रिश्ते पर फिर बहस छेड़ दी है. हक ने कहा कि एक प्रशासक के रूप में फैसले ईमानदारी और खेल भावना के आधार पर होने चाहिए, न कि बाहरी प्रभाव में आकर.
भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर टिप्पणी
हक ने यह भी कहा कि उस समय बांग्लादेश में भारत-विरोधी माहौल था, जिसका असर फैसलों पर पड़ा. हालांकि उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि केवल राजनीतिक कारणों से खेल संबंधों को क्यों प्रभावित किया गया. उन्होंने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि जब जगमोहन डालमिया भारतीय क्रिकेट प्रशासन से जुड़े थे, तब बांग्लादेश को सम्मान और मजबूत सहयोग मिलता था. उनके अनुसार, आज कुछ लोगों और सरकारी रुख के कारण बांग्लादेश की छवि को नुकसान पहुंच रहा है.
मैदान पर भी दिखा तनाव
इस विवाद का असर मैदान पर भी नजर आया. कोलंबो में खेले गए मुकाबले के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष सलमान अली आगा के साथ टॉस के समय पारंपरिक हाथ मिलाने से परहेज किया. यह रुख पिछले साल दुबई में एशिया कप के दौरान भी देखा गया था और अब फिर दोहराया गया.
क्रिकेट से ज्यादा राजनीति की चर्चा
भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसे देश क्रिकेट के कारण वैश्विक सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन आपसी मतभेद अक्सर खेल से बड़ा मुद्दा बन जाते हैं. टी20 विश्व कप से पहले पैदा हुए इस विवाद ने दिखा दिया है कि जब राजनीति और खेल आपस में टकराते हैं, तो असर केवल मैदान तक सीमित नहीं रहता.


