शाहीन अफरीदी ने सूर्यकुमार यादव के बयान को किया नजरअंदाज, कही ये बड़ी बात
शाहीन शाह अफरीदी ने सूर्यकुमार यादव की टिप्पणियों को नजरअंदाज करते हुए कहा कि उनका ध्यान सिर्फ़ एशिया कप जीतने पर है. उन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के आक्रामक रवैये को खेल का हिस्सा बताया और विवादों से दूर रहने की बात कही.

Shaheen Shah Afridi: पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी ने भारत के बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव द्वारा की गई टिप्पणियों पर ध्यान नहीं देने का फैसला लिया है. भारत-पाकिस्तान के प्रतिष्ठित मुकाबले में भारत की 6 विकेट से शानदार जीत के बाद, सूर्यकुमार ने कहा था कि इस प्रतिद्वंद्विता का महत्व अब उनके दबदबे के रिकॉर्ड के कारण कम हो गया है. लेकिन शाहीन का कहना है कि वे इस तरह की बातों को मुद्दा नहीं बनाएंगे और अपना ध्यान सिर्फ़ ट्रॉफी जीतने पर केंद्रित रखना चाहेंगे.
शाहीन ने क्या कहा?
शाहीन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह उनका नजरिया है, उन्हें कहने दीजिए. जब हम आमने-सामने होंगे, तब हर चीज़ स्पष्ट हो जाएगी. अभी हमारा लक्ष्य सिर्फ़ एक है, एशिया कप जीतना.
इसके बावजूद, क्रिकेट की सबसे छोटी फॉर्मेट में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना दबदबा बरकरार रखा है. अब तक टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनका रिकॉर्ड 12-3 का है. इस टूर्नामेंट में दोनों टीमों की टक्कर दो बार हुई है और दोनों ही बार भारत ने सहज जीत दर्ज की है.
पाकिस्तान की धमकी
हालांकि, भारतीय खिलाड़ियों ने हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान टीम के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए कुछ असामान्य कदम उठाए. उन्होंने मैचों से पहले और बाद में मिलने-पीठ मिलने से परहेज़ किया. इस हमले की प्रतिक्रिया में पाकिस्तान ने एशिया कप से बाहर होने की धमकी भी दी थी.
इसी बीच, पाकिस्तान टीम के कुछ खिलाड़ियों का व्यवहार विवादों में आया है. हारिस रऊफ भारतीय समर्थकों का मज़ाक उड़ाते दिखे, जबकि साहिबज़ादा फरहान ने हाल ही एक मैच के दौरान बंदूक जैसा जश्न मनाया था. जब इस पर सवाल किया गया तो शाहीन ने कहा कि आक्रामक रवैया उनका खेल का हिस्सा है और इसका मतलब यह नहीं कि ऐसी हरकतें पूर्वनियोजित हों.
शाहीन ने कहा, एशिया कप जीतना है मकसद
शाहीन ने कहा कि हम शुरुआत से ही आक्रामक क्रिकेट खेलने वाले रहे हैं. हमारा काम खेलना है, लोग जो चाहें सोच सकते हैं. यहां हम एशिया कप जीतने आए हैं और पूरी कोशिश करेंगे कि पाकिस्तान की उम्मीदों पर खरा उतरें. शाहीन का यह रुख स्पष्ट करता है कि वे शब्दों के खेल में उलझने से बेहतर मानते हैं कि प्रदर्शन खुद बोलें. वे मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके ही बातचीत करना चाहेंगे.


